ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गरियाबंद, 3 मार्च। बीती रात फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के धान उपार्जन केंद्र कुंडेल में लकड़ी से बने मचान पर हमला कर एक चौकीदार को हाथी ने पटक-पटक कर मार डाला।
गरियाबंद जिला 2 वर्षों से हाथियों के उत्पात से परेशान है। वर्तमान में जिले में हाथियों का दो दल जिले में विचरण कर रहा है, जिसमें बिन्द्रानवागढ़ क्षेत्र में 28 से 30 की संख्या में हाथी घूम रहे हैं और फिंगेश्वर में 2 दंतैल हाथी घूम रहे हंै।
फिंगेश्वर क्षेत्र के कुंडेल धान खरीदी केंद्र के चौकीदार को हाथियों द्वारा मारे जाने की घटना के बाद आसपास के ग्रामीण काफी डरे हुए हैं। वहीं वन विभाग द्वारा सभी को सचेत रहने की हिदायत दी है।
फिंगेश्वर वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर एस तिवारी ने बताया कि 2 दंतैल हाथी 26 फरवरी से इस क्षेत्र में घूम रहे थे। वन अमले द्वारा लगातार ट्रैकिंग कर उनके मूवमेंट पर नजऱ बनाए हुए थे और लोगों को विभाग द्वारा सचेत किया जा रहा था क्योंकि इन्हीं हाथियों ने ग्राम बेलर के धान उपार्जन केंद्र में धान को नुकसान पहुंचाया था। दो मार्च को रात के 10 बजे बोडक़ी-चरभट्टी होते हुए देवगांव रास्ते कुंडेल के धान उपार्जन केंद्र पहुंचे, जिसकी सूचना वहां के काम करने वाले 13 चौकीदारों को दी गयी। एक चौकीदार के पास मोबाईल फोन नहीं होने से उसे सूचना नहीं मिली और रात में लाइट बंद होने से उसके द्वारा टॉर्च जलाने से एक दंतैल हाथी ने उसके लकड़ी निर्मित मचान पर हमला कर दिया और उसे जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला और लाश को क्षत-विक्षत कर दिया।
फिंगेश्वर थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर की पुलिस टीम सूचना मिलते ही मौके पर पहुँच पोस्टमार्टम के लिए शव को चिकित्सक को सौंप दिया है।
इस संबंध में गरियाबंद वन विभाग एसडीओ मनोज चंद्राकर ने बताया कि यह हाथियों द्वारा 2021 की पहली घटना है । पिछले वर्ष भी दंतैल हाथियों ने उत्पात मचाया था। वन विभाग की टीम पूरी मुस्तैदी से हाथियों के मूवमेंट पर नजऱ बनाए हुए है और लोगों को सचेत किया जा रहा है। आसपास के गांवों में मुनादी भी की जा रही है। उन्होंने बिन्द्रानवागढ़ क्षेत्र के हाथियों के मूवमेंट के बारे में बताया कि 28 से 30 हाथियों के दल अभी जुनाडीह-बूटेंगा-बेन्दकुरा के आसपास के जंगलों में घूम रहे हंै, जिस पर वन विभाग नजर बनाए हुए है।


