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मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वॉकआउट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 24 फरवरी। शराब बिक्री की राशि मार्केटिंग निगम के खाते में नहीं जमा करने के मामले पर बुधवार को विधानसभा में जमकर बहस हुई। विपक्षी भाजपा सदस्यों ने आरोप लगाया कि पैसा जमा न कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि शराब बिक्री की राशि निगम के खाते में नहीं जमा करने पर यस बैंक को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। मंत्री के जवाब से विपक्षी भाजपा सदस्य संतुष्ट नहीं हुए, और उन्होंने सदन से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य नारायण चंदेल ने मामला उठाया। उन्होंने कहा कि शराब बिक्री की राशि गबन करने के मामले में छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन प्लेसमेंट एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि महासमुंद जिले में सवा पांच करोड़ की राशि जमा नहीं की गई है, ऐसे में प्लेसमेंट एजेंसी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
आबकारी मंत्री ने बताया कि महासमुंद में शराब बिक्री की राशि में से सवा पांच करोड़ की राशि निगम के खाते में जमा नहीं हुई है। राशि जमा नहीं करने के लिए यस बैंक प्रबंधन की अनियमितता सामने आई है, और यस बैंक को ब्लैक लिस्टेड किया गया है। भाजपा सदस्यों ने पूछा कि राष्ट्रीय कृत बैंकों को छोडक़र निजी बैंकों में पैसा क्यों जमा कराया गया, और इस मामले में क्या कार्रवाई की गई?
आबकारी मंत्री ने बताया कि निगम के आदेश पर हाईकोर्ट द्वारा स्थगन आदेश पारित करते हुए यस बैंक से 10 करोड़ 33 लाख रूपए की बैंक गारंटी निगम के पक्ष में जमा कराई गई है। लखमा ने एक पूरक सवाल के जवाब में यह भी बताया कि पिछली सरकार ने यस बैंक में खाता खोलने की अनुमति दी थी, और उसी समय खाता खुलवाया गया था। जोगी पार्टी के सदस्य धर्मजीत सिंह ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों में खाता खुलवाया जाना चाहिए, ताकि पैसा सुरक्षित रहे।
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि सरकार को चूना लगाया जा रहा है, लेकिन इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस सदस्य अमितेश शुक्ला और अन्य सदस्यों ने इस पर आपत्ति की। कांग्रेस सदस्य मोहन मरकाम ने कहा कि दिल्ली में आपकी सरकार रहते नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे लोग बैंकों को चूना लगाकर भाग गए। दोनों पक्षों के बीच जमकर बहस हुई। इस दौरान मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।


