ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 फरवरी। खम्हारडीह भावना कॉलोनी स्थित एक आदिवासी परिवार की जमीन पर कुछ असामाजिक तत्वों ने कब्जा कर यहां गेट खड़ा कर दिया है। कब्जा हटाने की बात पर आदिवासी परिवार के साथ गाली-गलौज करते हुए उन्हें धमकी भी दी जा रही है। आदिवासी परिवार ने सुरक्षा की मांग करते हुए इसकी लिखित शिकायत खम्हारडीह व एसटी-एससी पुलिस से लेकर डीजीपी तक की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
जानकारी के मुताबिक दुर्ग निवासी प्लासिदीयूस बरवा का यहां भावना नगर में करीब 10 हजार वर्गफीट का एक प्लाट है। इस प्लाट पर कुछ असामाजिक तत्वों ने बलपूर्वक कब्जा का अपना निर्माण शुरू कर दिया है। प्लाट के शुरू में बकायदा एक गेट भी लगवा दिया है। आदिवासी परिवार ने हाल ही में इसका विरोध करते हुए कब्जा हटाने के लिए कहा, तो असामाजिक तत्वों ने अपने को मुख्यमंत्री निवास का कर्मी बताते हुए उनके साथ जमकर गाली-गलौज की। उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी है।
आदिवासी प्लासिदीयूस के पुत्र बैन्नी बृजेश बरवा का आरोप है कि उनके प्लाट पर कब्जा एक श्रम अफसर के इशारे पर किया जा रहा है। उन्होंने पद का दुरूपयोग करते हुए अवैध निर्माण के लिए बकायदा गुंडे प्रवृत्ति के लोगों को भेजा गया है, जो अपने आप को मुख्यमंत्री निवास का कर्मचारी बताते हैं। उनका कहना है कि श्रम अफसर ने उनकी जमीन पास की एक सरकारी जमीन पर कब्जा कर यहां एक गैरेज बनवा दिया था। इस मामले में कार्रवाई हुई है, लेकिन अभी उनकी जमीन पर कब्जा शिकायत पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
खम्हारडीह पुलिस का कहना है कि एक श्रम अफसर सरकारी जमीन पर कब्जा कर निर्माण में लगा था, इसकी शिकायत पर उस समय तुरंत कार्रवाई की गई थी। निगम टीम ने आकर खुद यहां से कब्जा हटाया था। अब वहीं पर फिर से एक आदिवासी परिवार की जमीन पर कब्जा की शिकायत सामने आई है। इस मामले में फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वैसे इस जमीन-आसपास जल्द ही सीमांकन कराने की तैयारी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


