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हाईकोर्ट ने अनुशासनात्मक कार्रवाई पर लगाई रोक
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 16 जनवरी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम से जुड़ा एक बेहद रोचक और गंभीर मामला इन छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में आया है। नगर निगम कमिश्नर और एक कर्मचारी के बीच हुई व्हाट्स अप चैट अब न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है। खास बात यह है कि जिस कर्मचारी से निजी काम कराए गए, उसी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
याचिकाकर्ता कर्मचारी ने अपनी रिट याचिका के साथ हाई कोर्ट में चैट की फोटो कॉपी भी प्रस्तुत की है। इन चैट्स में निगम कमिश्नर द्वारा कर्मचारी से लाल अंगूर लाने, 10 किलो जायफूल चावल खरीदने, धुरंधर फिल्म की कॉर्नर सीट वाली टिकट दिलाने और यहां तक कि बंगले में लगे वाई फाई का रिचार्ज कराने जैसी मांगों का जिक्र है। एक चैट में कमिश्नर कर्मचारी से यह भी पूछते नजर आते हैं कि क्या एमआईसी की बैठक रद्द कराई जा सकती है।
याचिका में आरोप है कि जिस कर्मचारी से इस तरह के निजी काम कराए गए, उसी को बाद में नौकरी से बाहर करने की फाइल तैयार कर दी गई। खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे कर्मचारी ने अधिवक्ता संदीप दुबे और मानस वाजपेयी के माध्यम से हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर कर निगम कमिश्नर की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
मामले की सुनवाई जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जांच अधिकारी ने आरोपों को साबित करने के लिए सूचीबद्ध किसी भी गवाह से पूछताछ नहीं की और बिना ठोस आधार के दंड प्रस्तावित कर दिया गया।
सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा कि जांच अधिकारी द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया गंभीर सवाल खड़े करती है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। साथ ही, मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 फरवरी की तारीख तय की गई है।
याचिकाकर्ता ने निगम कमिश्नर द्वारा 18 सितंबर 2025 को जारी आरोप पत्र और दुर्ग नगर निगम के उपायुक्त की 6 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट को भी चुनौती दी है। याचिका में बताया गया है कि कर्मचारी की नियुक्ति 8 अगस्त 2014 को चपरासी पद पर हुई थी और 21 नवंबर 2019 को उसे सहायक ग्रेड-तृतीय के पद पर पदोन्नति मिली थी। बावजूद इसके, बिना अधिकार के नियुक्ति–पदोन्नति कराने के आरोप लगाकर उसे निलंबित कर दिया गया।
हाई कोर्ट ने निगम कमिश्नर सहित राज्य शासन को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।


