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पूर्वी लद्दाख के इलाक़े में डिसइंगेजमेंट को लेकर भारत और चीन के बीच नौ दौर की सैन्य वार्ता हुई है, लेकिन इस बीच चीनी सेना 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव को कम करने का कोई संकेत नहीं दे रही है.
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, चीनी सेना ने तिब्बत में आर्टिलरी गन, स्व-चालित होवित्जर और सरफेस-टू- मिसाइल इकाइयों की तैनाती बढ़ा दी है.
इंडियन नेशनल सिक्योरिटी प्लानर्स के अनुसार, पीएलए तीनों सेक्टरों में नई तैनाती कर रहा है और सैनिकों और भारी सैन्य उपकरणों को एक जगह से दूसरी जगह भेज रही है, साथ ही पैंगोंग त्सो के फिंगर क्षेत्रों में नया निर्माण कर रही है.
वहीं टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, सीमा पर तनाव के बीच भारत एलएसी पर निगरानी बढ़ाने जा रहा है.
अख़बार के मुताबिक़, भारत चीन के साथ लगने वाली उत्तरी सीमाओं पर अपनी सर्विलांस क्षमता बढ़ाने जा रहा है. वहीं बड़ी संख्या में ड्रोन, सेंसर, सैनिक सर्वेक्षण और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध उपकरण तैनात करेगा ताकि पीएलए की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके और घुसपैठ का पता लगाने के लिए भी कदम मज़बूत हों. (bbc.com)


