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नई दिल्ली. केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन पर ट्वीट करने वाली पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ दर्ज हुए एफआईआर को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. स्पेशल CP प्रवीर रंजन का कहना है कि हमने एफआईआर में किसी का नाम नहीं लिया है. यह केवल टूलकिट के रचनाकारों के खिलाफ है जो जांच का विषय है. दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच करेगी.
स्पेशल CP प्रवीर रंजन ने बताया कि एफआईआर में धाराएं हैं 124 A IPC- भारत सरकार के विरुद्ध असहमति फैलाना, यह देशद्रोह के बारे में है. 153 / सामाजिक / सांस्कृतिक / धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच घृणा को बढ़ावा देना, आपराधिक साजिश के लिए 153 & 120 B है.
FIR में ग्रेटा का नाम नहीं: प्रवीर रंजन
क्राइम ब्रांच के स्पेशल कमिश्नर प्रवीर रंजन का कहना है कि दिल्ली में किसानों के आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफार्म का काफी क्लोज तरीके से पुलिस की टीम मॉनिटरिंग कर रही है. 300 से ज्यादा ट्विटर हैंडल पर हमारी नजर थी. किसान आंदोलन को लेकर चल रही जांच के दायरे में सोशल मीडिया भी है. दिल्ली पुलिस ने ऐसे सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ केस रजिस्टर किया था जो गलत जानकारी फैला रहे थे.
प्रवीर रंजन ने बताया कि टूलकिट के जरिये माहौल खराब करने और भारत सरकार की छवि खराब करने की साजिश थी. ग्रेटा का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि टूलकिट पर नजर है. उसकी जांच हो रही है. इसे लेकर पुलिस ने केस रजिस्टर कर लिया है. सेक्शन 124 A, 153A, 153 और 120 B के तहत मुकदमा दर्ज है. उन्होंने कहा कि एफआईआर में ग्रेटा का नाम नही लिखा गया है. उसके ट्वीट और टूलकिट पर हम केस रजिस्टर कर जांच कर रहे हैं.
ग्रेटा थनबर्ग ने फिर किया ट्वीट
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद ग्रेटा थनबर्ग ने एक बार फिर किसानों के समर्थन में ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट में लिखा, मैं किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के साथ हूं. कोई भी नफरत, धमकी इसे बदल नहीं सकती.' बता दें कि गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सेक्शन 153A और 120B के तहत यह केस दर्ज किया है. दरअसल, ग्रेटा थनबर्ग ने किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में ट्वीट किया था. इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, 'हम भारत में किसानों के आंदोलन के प्रति एकजुट हैं.'


