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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 29 सितंबर। कोरोना के इलाज में जुटे पैरामेडिकल स्टॉफ के लिए पीपीई किट की खरीद में कई गंभीर अनियमितताएं प्रकाश में आई हैं। बताया गया कि करीब 15 करोड़ की इस खरीदी में केन्द्र सरकार के दिशा-निर्देशों को अनदेखा कर दिया गया, और दवा निगम ने गुणवत्ता मापदंड तय किए बिना टेंडर फाइनल कर दिए। बीआईएस सुरक्षा मानक के बिना पीपीई किट खरीदी को लेकर शिकायतें अलग-अलग स्तरों पर हुई है।
बताया गया कि केन्द्र सरकार ने कवरऑल पीपीई किट के लिए मानक तय किए हैं। एक जून को मानक निर्धारित कर सार्वजनिक किए गए, और नए
बीआईएस मानकों के अनुरूप पीपीई किट बनाने की बाध्यता रखी है। मगर छत्तीसगढ़ राज्य कोविड नियंत्रण और क्रय समिति ने कवरऑल पीपीई किट की खरीदी के लिए टेंडर में बीआईएस मानकों की अनिवार्यता की शर्त को ही विलोपित कर दिया। इससे स्वाभाविक तौर पर गुणवत्ताहीन पीपीई किट खरीदी का रास्ता खुल गया है।
बताया गया कि करीब 15 करोड़ की पीपीई किट और अन्य सामग्रियों की खरीदी के लिए टेंडर बुलाया गया था। टेंडर 21 सितंबर को खोला गया। पहले ऑनलाइन टेंडर की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सर्वर डाउन हो गया था जिसके कारण कई बड़ी कंपनियां खरीदी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं ले पाई। इससे गंभीर शिकायत सुरक्षा मानकों को अनदेखा करने का है।
‘छत्तीसगढ़’ ने इन शिकायतों पर निगम के एमडी सीआर प्रसन्ना से चर्चा की कोशिश की, किन्तु उनसे संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद वाट्सएप पर मैसेज भेजकर बिना बीआईएस लाइसेंस और पंजीयन के पीपीई खरीद के टेंडर पर निगम का पक्ष जानने की कोशिश की गई, किन्तु उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
क्रय समिति के प्रमुख राजेश सुकुमार टोप्पो से भी चर्चा की कोशिश की गई, किन्तु उनसे भी संपर्क नहीं हो पाया। बताया गया कि निगम और क्रय समिति ने न्यूनतम दर के आधार पर पीपीई किट के लिए दिल्ली की एक कंपनी को फाइनल कर लिया है। कंपनी के खिलाफ भी कई तरह की शिकायत हुई है। इससे पहले पीपीई किट खरीदी टेंडर में अनियमितता को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए हजारों की संख्या में डॉक्टर, नर्स और अन्य पैरामेडिकल स्टॉफ लगे हुए हैं। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर खरीदी हो रही है। इससे पहले तक केन्द्र सरकार और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन द्वारा पीपीई किट उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में उनके लिए गुणवत्ता को नजरअंदाज कर पीपीई किट खरीद पर मामला आने वाले दिनों में गरमा सकता है।


