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बस्तर में पत्रकार कमल शुक्ला पर हुए हमले के पीछे कांग्रेसी, या रेत माफिया?
27-Sep-2020 5:48 PM
बस्तर में पत्रकार कमल शुक्ला पर हुए हमले के पीछे कांग्रेसी, या रेत माफिया?

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 27 सितंबर।
बस्तर के एक सामाजिक-सक्रिय पत्रकार कमल शुक्ला पर कल कांकेर में हुए हमले को लेकर कई किस्म के ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहे हैं। पत्रकारों के कुछ वॉट्सऐप ग्रुप में इस बात को लेकर भी बहस चल रही है कि कमल शुक्ला पर यह हमला रेत ठेकेदारों की तरफ से था, वर्तमान या भूतपूर्व स्थानीय कांग्रेस नेताओं की तरफ से था, या कुछ दूसरे पत्रकार भी इसके पीछे शामिल थे। 

कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे मारपीट की घटना बताया है और कहा है कि मारपीट करने वाले दोनों ही व्यक्ति पत्रकार हैं। 

कल कांकेर में सडक़ पर खुलेआम पत्रकार कमल शुक्ला पर हिंसक हमला हुआ। हमला करने वाले लोग स्थानीय ताकतवर लोग थे, उनके नाम पुलिस रिपोर्ट में दर्ज हुए हैं, और पुलिस उस पर कार्रवाई करना बता रही है। कांकेर में पत्रकार पिछले कुछ हफ्तों से वहां के कलेक्टर के खिलाफ एक मोर्चा खोलकर बैठे थे क्योंकि एक वॉट्सऐप ग्रुप में कलेक्टर ने पत्रकारों को लेकर बड़ी ओछी बात लिखी थी।

कांकेर में रेत की वैध या अवैध खुदाई को लेकर ठेकेदार या मवालियों के खिलाफ वहां के कुछ पत्रकारों ने एक अभियान भी चला रखा था, और कल का हमला उस अभियान से जुड़ा हुआ भी बताया गया है।

कमल शुक्ला को हाल ही में सीपीएम की तरफ से एक पत्रकारिता-सम्मान दिया गया था, और कल के हमले के बाद से सीपीएम ने कांग्रेस पार्टी और राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कमल शुक्ला के पक्ष में बयान जारी किए हैं।

बस्तर में पत्रकारों के बीच आपस में भी गुटबाजी चल रही है, और दो खेमे एक-दूसरे के खिलाफ रहते आए हैं। कल के इस हमले में शामिल लोगों से कांग्रेस ने अपना हाथ झाड़ लिया है कि जिसे हमलावर बताया गया है, वह कांग्रेस से पहले से निष्कासित है। दूसरी तरफ कई लोगों ने ऐसे विज्ञापन सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं जो हमलावर को कांग्रेस का बताने वाले हैं।

देश के कई पत्रकारों ने छत्तीसगढ़ में इसे मीडिया पर हमले का मामला बताया है, और अधिकतर लोगों ने इस बात पर फिक्र जाहिर की है कि सारी गुंडागर्दी और हिंसा पुलिस थाने के भीतर से लेकर सडक़ तक चलती रही, और पुलिस ने कोई दखल नहीं दी। राज्य सरकार के किसी भी वरिष्ठ व्यक्ति ने इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है। कांग्रेस के एक प्रवक्ता ने सिर्फ इतना कहा है कि जिसके खिलाफ कमल शुक्ला ने रिपोर्ट लिखाई है वह कांग्रेस से पहले ही निष्कासित व्यक्ति है, कांग्रेस का इस हमले से कोई लेना-देना नहीं है, और पुलिस को दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। आज दोपहर इस बारे में पूछने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। 

 


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