ताजा खबर
लंबे समय से जमे हाथियों से ग्रामीण भयभीत
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
प्रतापपुर, 16 जनवरी। प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत सरहरी गांव के सलया-घुटरी क्षेत्र में शुक्रवार की शाम करीब 5.50 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अचानक जंगल से भटका एक जंगली हाथी गांव की ओर आ गया। हाथी को देखते ही मौके पर मौजूद ग्रामीण जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी अफरा-तफरी के बीच एक युवक हाथी के सामने आ गया और बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हाथी बांस के भूतड़ा के पास झाडिय़ों में छिपा हुआ था। इसी दौरान विकास पिता अजय, निवासी सरहरी अचानक हाथी के सामने पहुंच गया। हाथी ने युवक को अपनी चपेट में ले लिया और सूंड से पटक दिया। गनीमत यह रही कि कुछ ही क्षण बाद हाथी युवक को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, जिससे उसकी जान बच सकी।
हाथी के हमले में युवक के सिर में गंभीर चोट, एक तरफ का जबड़ा टूटने, दांत टूटने के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रतापपुर लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक की हालत में अब धीरे-धीरे सुधार हो रहा है और वह हल्की बातचीत कर पा रहा है।
वन विभाग ने दी तात्कालिक सहायता, स्थायी समाधान की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग द्वारा पीडि़त परिवार को तत्कालीन सहायता राशि उपचार के लिए प्रदान की गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि इलाज पूर्ण होने के बाद शासन के नियमों के तहत शेष मुआवजा राशि भी दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बीते कई दिनों से प्रतापपुर-सोनगरा क्षेत्र में जंगली हाथियों का डेरा जमा हुआ है। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग शाम होते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त, हाथियों की सतत निगरानी और चेतावनी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और जनहानि से बचाव हो।


