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कोरोना काल में कृषि क्षेत्र ने दिखाया दमखम, किसान ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार
27-Sep-2020 11:54 AM
कोरोना काल में कृषि क्षेत्र ने दिखाया दमखम, किसान ‘आत्मनिर्भर भारत’ का आधार

नई दिल्ली, 27 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात  कार्यक्रम के जरिये रविवार को देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने कार्यक्रम में किसानों की जिक्र किया और उनका किस्सा सुनाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां कहा जाता है, जो जमीन से जितना जुड़ा होता है, वो बड़े से बड़े तूफानों में भी अडिग रहता है। कोरोना के इस कठिन समय में हमारा कृषि क्षेत्र, हमारा किसान इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा, संकट के इस काल में भी हमारे देश के कृषि क्षेत्र ने फिर अपना दमख़म दिखाया है। देश का कृषि क्षेत्र, हमारे किसान, हमारे गाँव, आत्मनिर्भर भारत का आधार है। ये मजबूत होंगे तो आत्मनिर्भर भारत की नींव मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ समय में इन क्षेत्रों ने खुद को अनेक बंदिशों से आजाद किया है, अनेक मिथकों को तोडऩे का प्रयास किया है। 3-4 साल पहले ही महाराष्ट्र में फल और सब्जियों को एपीएमसी के दायरे से बाहर किया गया था। इस बदलाव ने महाराष्ट्र के फल और सब्जी उगाने वाले किसानों की स्थिति बदली है। इन किसानों के अपने फल - सब्जियों को कहीं पर भी, किसी को भी बेचने की ताकत है और ये ताकत ही उनकी इस प्रगति का आधार है।

मन की बात में पीएम मोदी ने कहा कि आज, गांव के किसान स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की खेती से, ढाई से तीन लाख प्रति एकड़ सालाना कमाई कर रहे हैं। हरियाणा के एक किसान भाई ने मुझे बताया कि कैसे एक समय था जब उन्हें मंडी से बाहर अपने फल और सब्जियां बेचने में दिक्कत आती थी। लेकिन 2014 में फल और सब्जियों को एपीएमसी एक्ट से बाहर कर दिया गया, इसका उन्हें और आसपास के साथी किसानों को बहुत फायदा हुआ। 


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