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जिलाध्यक्ष खफा, प्रदेश प्रभारी से शिकायत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 सितंबर। नगरीय निकायों के एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) की सूची जारी होते ही कांग्रेस में बवाल मच गया है। बताया गया कि सूची में विधायकों-महापौरों की राय को महत्व दिया गया। जबकि पार्टी संगठन की अनुशंसा को दरकिनार कर दिया गया। इससे खफा कई नेताओं ने पार्टी हाईकमान को शिकायत भी भेजी है।
नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में एल्डरमैन की सूची गुरूवार को जारी की गई। इसमें 208 नाम हैं। एल्डरमैनों की नियुक्ति में स्थानीय विधायकों की पसंद का पूरा ध्यान रखा गया। यही नहीं, महापौरों की राय को भी महत्व दिया गया। एल्डरमैन के लिए सभी जिलों से नाम मंगाए गए थे। पार्टी संगठन ने नाम भी भेजे थे। मगर ज्यादातर को दरकिनार कर दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि प्रभारी सचिव चंदन यादव ने खुद होकर सभी निकायों के लिए पार्टी संगठन से नाम मंगाए थे और करीब 3 माह पहले सूची प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से सरकार को भेजी गई थी। मगर इस सूची को महत्व नहीं दिया गया। स्थानीय विधायक अपनी पसंद के नेता को अध्यक्ष बनवाने में कामयाब रहे। रायपुर की बात करें, तो तीनों विधायक सत्यनारायण शर्मा, कुलदीप जुनेजा, विकास उपाध्याय की पसंद को महत्व दिया गया है। महापौर की सिफारिश पर अफरोज अंजुम और सभापति प्रमोद दुबे से जुड़े इंद्रजीत सिंह को एल्डरमैन बनाया गया।
संगठन के सुझाए नामों में से सिर्फ देवदीवान कुर्रे को ही एल्डरमैन बनाया गया। चूंकि देवदीवान जिस वार्ड में रहते हैं, वहां के कांग्रेस पार्षद पुरूषोत्तम बेहरा ने जोन अध्यक्ष के चुनाव में क्रास वोटिंग कर दिया था। इस वजह से बेहरा को निलंबित कर दिया गया। पार्टी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखकर देवदीवान कुर्रे को एल्डरमैन बनाने का सुझाव दिया था, जिसे मान लिया गया। न सिर्फ रायपुर बल्कि बिलासपुर, रायगढ़ और अन्य जगहों में स्थानीय विधायकों को ज्यादा महत्व दिया गया। विधायकों की पसंद पर मुहर लगी है। जिससे जिलाध्यक्षों में नाराजगी है। कुछ नेताओं ने इसकी शिकायत सीधे प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया से भी की है।
बताया गया कि न सिर्फ हाल ही में पार्टी में आए कई नेताओं को महत्व दे दिया गया। बल्कि मनेन्द्रगढ़ में तो जिस कृष्ण मुरारी तिवारी को एल्डरमैन बनाया गया है वे वर्तमान में निर्वाचित पार्षद हैं, और नगर पालिका के उपाध्यक्ष भी हैं। इस गड़बड़ी की भी जानकारी पार्टी संगठन को भेजी गई है। संगठन के पदाधिकारियों का मानना है कि सभी जगहों पर दो-तीन एल्डरमैनों की और नियुक्ति होगी। जिसमें संगठन की राय को महत्व मिल सकता है।


