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मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नहीं बल्कि सबसे बेहतरीन काम करने वाले प्रधानमंत्री: फडणवीस
12-Jun-2026 9:53 PM
मोदी सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले नहीं बल्कि सबसे बेहतरीन काम करने वाले प्रधानमंत्री: फडणवीस

मुंबई, 12 जून। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल के 12 साल पूरे होने पर उनकी तारीफ की और कहा कि मोदी सिर्फ सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले प्रधानमंत्री नहीं बल्कि दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाने वाले सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने दुनिया भर में देश का गौरव बढ़ाया और हर क्षेत्र में बदलाव लेकर आए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के जवाहरलाल नेहरू से अधिक समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का जिक्र केवल कीर्तिमान का उल्लेख करने के लिए है, न कि दोनों नेताओं की तुलना करने के उद्देश्य से।

फडणवीस ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कांग्रेस को ‘डूबता हुआ जहाज’ करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी समझदार व्यक्ति उस पर सवार नहीं होगा।

मोदी ने बुधवार को 4,399 दिनों के लगातार कार्यकाल के साथ भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने का कीर्तिमान स्थापित किया। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4,398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के अध्यक्ष प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को नेहरू की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश के निर्माण में उनके त्याग और योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। साथ ही, उन्होंने कहा कि नेहरू और प्रधानमंत्री मोदी के बीच कोई तुलना नहीं हो सकती।

फडणवीस ने पवार की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘ नेहरू और मोदी के बीच कोई तुलना नहीं है। यह एक तथ्य है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 4,398 दिन तक सेवा करने का रिकॉर्ड तोड़ा है। यह कहने में क्या गलत है कि रिकॉर्ड टूटा है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘जवाहरलाल नेहरू अपनी जगह हैं और मोदी जी अपनी जगह हैं।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक ‘नया भारत’ बनाया है और कई ऐसी उम्मीदों को पूरा किया है जो आजादी के 60 साल बाद भी अधूरी रह गई थीं।

फडणवीस ने कहा, “यह इसलिए महत्वपूर्ण नहीं है कि उन्होंने (मोदी ने) इतने लंबे समय तक सेवा की है। महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने देश की तस्वीर बदली है और दुनिया भर में भारत का मान बढ़ाया है।”

उन्होंने कहा कि कि इस उपलब्धि का महत्व सिर्फ उनके कार्यकाल की अवधि में नहीं बल्कि उस दौरान लाए गए बदलावों में है।

फडणवीस ने तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के संभावित विलय की अटकलों पर कहा, ‘‘न तो यह पार्टी ऐसा कह रही है और न ही वह पार्टी। कोई तीसरा व्यक्ति ही इस बारे में बात कर रहा है। कोई समझदार व्यक्ति कांग्रेस जैसे डूबते हुए जहाज पर सवार नहीं होगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दलों के एकजुटता भाजपा नीत गठबंधन के लिए चिंता का विषय नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर वे एकजुट होते हैं, तो हमारे लिए और ज्यादा राजनीतिक जगह बनेगी। इसलिए, हमें चिंता करने की कोई वजह नहीं है।’’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा नीत ‘महायुति’ 2029 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज मैंने जो कुछ भी कहा है, उसका 75 से 80 प्रतिशत हिस्सा न केवल भाजपा बल्कि राजग के रुख को दर्शाता है। महायुति 2029 में मिलकर चुनाव लड़ेगी।’’

फडणवीस ने दावा किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में महाराष्ट्र को बहुत लाभ हुआ है।

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)सरकार के कार्यकाल के दौरान महाराष्ट्र को लगभग दो लाख करोड़ रुपये मिले थे। प्रधानमंत्री मोदी के 10 वर्षों में राज्य को 12 लाख करोड़ रुपये मिले हैं। अगर यह लाभ नहीं है, तो फिर क्या है?’’

उन्होंने कहा कि भारत को लगभग 40 अरब डॉलर के निवेश का प्रस्ताव मिला है और अकेले महाराष्ट्र की इसमें करीब 55 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

अभिव्यक्ति की आजादी और एक स्टैंड-अप कॉमेडियन से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा नेता ने कहा कि स्टैंड-अप कॉमेडियन्स को गरिमा के न्यूनतम मानदंडों का ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा,‘‘हर किसी को अपनी बात कहने की आजादी है और मैं खुद भी स्टैंड-अप कॉमेडी देखता हूं। यह मनोरंजन का एक जरिया है। लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी का अभिप्राय मनमानी करने की छूट नहीं होनी चाहिए। किसी को भी दूसरों की गरिमा का अपमान नहीं करना चाहिए। एक व्यक्ति की अभिव्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के सम्मान के साथ जीने के अधिकार का उल्लंघन नहीं होना चाहिए।’’

पुलिस ने स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे, वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इनपर एक कॉमेडी शो के दौरान कथित तौर पर एक महिला के साथ ज़बरदस्ती और बिना मर्ज़ी के किए गए व्यवहार को सही ठहराने सहित विवादित टिप्पणी करने का आरोप है। (भाषा)


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