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आठ साल पहले थामा बल्ला, अब अंडर-19 महिला भारतीय क्रिकेट टीम की बनी उपकप्तान
12-Jun-2026 3:14 PM
आठ साल पहले थामा बल्ला, अब अंडर-19 महिला भारतीय क्रिकेट टीम की बनी उपकप्तान

नांदगांव की महक नरवासे की उपलब्धि से माँ-बाप को बेटी पर फक्र
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 12 जून।
राजनांदगांव शहर के कौरिनभाठा के रहने वाले शिक्षक राधेश्याम नरवासे को अपनी बेटी महक नरवासे पर भारतीय अंडर-19 टीम की उपकप्तान बनने पर फक्र महसूस हो रहा है।  
करीब आठ साल पहले कोच मनोज तिवारी की निगरानी में बल्ला थामने के बाद महक का सीधे भारतीय टीम में श्रीलंका दौरे के लिए बतौर उपकप्तान चयन होना किसी दिव्य सपने से कम नहीं है। बेटी की इस उपलब्धि से पिता राधेश्याम नरवासे और माता कुमारी नरवासे की खुशी का ठिकाना नहीं है। महक ने कड़ी मेहनत, परिश्रम और लगन के साथ इस मुकाम को हासिल किया है। बेटी के क्रिकेट के प्रति लगन को देखकर पिता ने भरपूर सुविधा मुहैया कराने के साथ मोरल सपोर्ट भी किया। परिजनों के उन्मुक्त वातावरण के बीच मिले सहयोग ने महक को भारतीय टीम का सदस्य बनने तक पहुंचाया।  

महक का चयन भारतीय महिला अंडर-19 क्रिकेट टीम में उपकप्तान के रूप में हुआ है। वह जल्द ही श्रीलंका में वन-डे और टी-20 की सीरिज खेलेगी। महक को दोनों खेल प्रारूप में उपकप्तान बनाया गया है। महक के पिता राधेश्याम नरवासे ग्रामीण परिवेश से निकलकर सरकारी शिक्षक हैं। वह मानते हैं कि बेटी को सामाजिक चुनौतियों के बीच खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने का फैसला काफी चुनौतीपूर्ण रहा। अब  इस परिणाम से उन्हें फक्र महसूस हो रहा है। स्थानीय साइंस कॉलेज के मैदान में महक ने दिन-रात कठिन अभ्यास किया। दिलचस्प बात यह है कि महक ने लगातार क्रिकेट में बने रहने के लिए लडक़ों के साथ प्रेक्टिस की। कई बार उसे असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। इसकी परवाह किए बगैर वह क्रिकेट में आगे बढ़ती चली गई। क्रिकेट में उसने अपना लोहा मनवाते हुए अपने लक्ष्य को पूरा किया।  
 

क्रिकेट कोच मनोज तिवारी ने महक की प्रतिभा को भांप लिया था और प्रेक्टिस के दौरान उसे क्रिकेट की बारीकियों से रूबरू कराया। निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति निष्ठा ने महक को जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर में  पहचान मिली। परिणामस्वरूप वह अब भारतीय टीम की अंडर-19 टीम में चयनित होकर श्रीलंका का दौरा करेगी। गौरतलब है कि महक के माता-पिता सरकारी शिक्षक हैं। दोनों ने उसे खेल में आगे बढऩे के लिए मानसिक रूप से प्रेरित किया। इस बीच बेटी की भारतीय टीम में चयन के बाद घर में जश्न का माहौल है। क्रिकेट जगत से जुड़े लोगों के अलावा शहरभर से  नरवासे परिवार को बधाईयां मिल रही है।  


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