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पखवाड़े भर से जंगल और गांवों के बीच घूम रहा चार हाथियों का दल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 12 जून। मरवाही वन परिक्षेत्र में पिछले लगभग पंद्रह दिनों से चार हाथियों का एक दल लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाल ही में दल ने मरवाही स्थित एक छात्रावास की मजबूत चहारदीवारी तोड़ दी, जबकि कई किसानों की फसलों और एक नर्सरी में लगे फलदार पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का यह दल पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के अनुपपुर वन मंडल के जैतहरी क्षेत्र से मरवाही वन परिक्षेत्र में पहुंचा है। इसके बाद से हाथी लगातार अलग-अलग गांवों और जंगल क्षेत्रों में घूम रहे हैं तथा गर्मी के मौसम में तैयार की गई फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
गुरुवार सुबह हाथियों का दल गांव की ओर पहुंचा तो एक साथ तीन-चार हाथियों को देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। लोग घरों के भीतर सुरक्षित रहने लगे। बाद में यह दल कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास के पास पहुंचा, जहां शासकीय बगीचे में कटहल और आम के पेड़ लगे हुए हैं।
फल खाने की कोशिश में हाथियों ने छात्रावास और बगीचे की मजबूत चहारदीवारी को तोड़ दिया और सीधे अंदर प्रवेश कर गए। इसके बाद वे लंबे समय तक कटहल और आम खाते रहे। राहत की बात यह रही कि उन्होंने किसी व्यक्ति या मकान को नुकसान नहीं पहुंचाया।
वन विभाग के अनुसार, यह दल इससे पहले मरवाही वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी तक भी पहुंच चुका है। इसके अलावा चार किसानों की फसलों तथा एक नर्सरी में लगे फलदार पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
मरवाही क्षेत्र के रेंजर मुकेश साहू ने बताया कि हाथियों का यह दल आमतौर पर मड़कोट के घुसरिया जंगल में रहता है। वहां विश्राम करने के बाद यह धान और अन्य खाद्य सामग्री की तलाश में विभिन्न क्षेत्रों की ओर निकलता है। इन दिनों हाथियों को कटहल और आम विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में हाथियों का दल मरवाही के गुल्लीदांड बीट क्रमांक 2025 के जंगल में एक तालाब के आसपास मौजूद है। वहां से यह नाका, घुसरिया, मरवाही, सचराटोला या सेमरदर्री क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है।
हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय पुलिस लगातार गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क कर रहे हैं। विभागीय टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन जंगली हाथियों की अप्रत्याशित प्रकृति के कारण उनके अगले कदम का सटीक अनुमान लगाना कठिन बताया जा रहा है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल की ओर नहीं जाने, हाथियों के करीब न पहुंचने और किसी भी गतिविधि की सूचना तत्काल अधिकारियों को देने की अपील की है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।


