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बेंगलुरु, 5 जून। कर्नाटक के मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने नवगठित डी.के. शिवकुमार सरकार में विभागों के बंटवारे पर शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से असंतोष जताते हुए कहा कि वरिष्ठता का उचित सम्मान नहीं किया गया है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से विभागों के आवंटन पर पुनर्विचार करने की अपील की।
उनकी यह टिप्पणी वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी द्वारा विभागों के आवंटन पर असंतोष जताते हुए इस्तीफे की घोषणा के कुछ घंटे बाद आयी।
मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है, जबकि वह समाज कल्याण या कृषि विभाग चाहते थे।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा गया है। रामलिंगा रेड्डी आठ बार विधायक चुने गए हैं। मैं भी आठ बार विधायक चुना गया हूं। अन्य नेता भी हैं जो सात, छह और पांच बार विधायक रहे हैं। इन सभी बातों को संतुलित तरीके से देखा जाना चाहिए।’’
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपील की कि वह यह सुनिश्चित करें कि अनुभवी नेताओं के साथ समान व्यवहार किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष से अपील करता हूं कि सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए और वरिष्ठता का सम्मान किया जाए।’’
मुनियप्पा ने कहा कि उन्होंने ऐसे विभागों की मांग की थी जिनके माध्यम से वह व्यापक जनसेवा कर सकें और उन्होंने अपनी प्राथमिकताएं पहले ही पार्टी नेतृत्व को बता दी थीं।
उन्होंने कहा, ‘‘जब राहुल गांधी हाल ही में आए थे, तब मैंने उनसे अनुरोध किया था कि मैं समाज कल्याण विभाग चाहता हूं ताकि लोगों की सेवा कर सकूं। मैं किसानों की सेवा के लिए कृषि विभाग चाहता था। सिंचाई विभाग भी ऐसा विभाग है जिसके माध्यम से किसानों की सेवा की जा सकती है। ऐसे विभागों पर विचार किया जाना चाहिए था।’’
मंत्री ने कहा कि जिम्मेदारियों का आवंटन वरिष्ठता और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अनुरोध कर रहा हूं कि जो विभाग आवंटित किए गए हैं, उनमें बदलाव किया जाए और ऐसे विभाग दिए जाएं जो जनसेवा के लिए अधिक उपयोगी हों।’’
रामलिंगा रेड्डी की आपत्तियों का उल्लेख करते हुए मुनियप्पा ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं को विभागों के बंटवारे में अधिक महत्व मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘शायद एक-दो नेताओं को छोड़कर, रेड्डी सबसे वरिष्ठ नेताओं में से हैं। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए।’’
मुनियप्पा ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद से वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लेकर विभागों के आवंटन की समीक्षा करने का आग्रह किया।
पार्टी के साथ अपने लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरा राजनीतिक जीवन 50 वर्षों का है। मैंने इन सभी वर्षों में पार्टी के एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में काम किया है। मैं केवल यह अनुरोध कर रहा हूं कि असंतुलन को दूर किया जाए।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी नेतृत्व इन चिंताओं का समाधान करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह अनुरोध इसलिए कर रहा हूं ताकि कोई भ्रम की स्थिति न बने। मुझे विश्वास है कि नेतृत्व इस स्थिति को सुधार देगा।’’
मुनियप्पा ने कहा कि इस तरह का सुधारात्मक कदम कांग्रेस को 2028 के विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में लौटने में मदद करेगा। (भाषा)


