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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 4 जून। भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को अभनपुर के कारोबारी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तारकर दो दिन की रिमांड पर लिया है। इस मामले में ईडी की यह पहली गिरफ्तारी है। एक दिन पहले ही ईडी ने मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा समेत चार लोगों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद पेश किया था। आरोप है कि हरमीत सिंह खनूजा ने जमीन दलालों के साथ मिलकर घोटाला किया और किसानों को मुआवजे की आधी राशि ही दी, जबकि बाकी रकम खुद रख ली।
27 अप्रैल को ईडी ने अभनपुर निवासी जयप्रकाश गांधी के घर पर छापा मारा था। टीम पहले उसके भाई गोपाल गांधी के घर पहुंची, इसके बाद जयप्रकाश और सत्यप्रकाश गांधी के घरों में भी जांच की गई। कार्रवाई के दौरान ईडी को अहम दस्तावेज और संदिग्ध ट्रांजेक्शन का ब्योरा मिला। इसके अलावा धमतरी, दुर्ग और रायपुर में भी छापेमारी की गई थी। बुधवार को ईडी ने जयप्रकाश को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से पूछताछ के लिए उसे रिमांड पर लिया गया है। ईडी के अधिकारी नीरज कुमार ने 27 अप्रैल की रात अभनपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
चार लोगों को ईडी ने बनाया आरोपी
ईडी ने हरमीत सिंह खनूजा को इस मामले का मुख्य आरोपी बनाया है। हरमीत प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़ा है। आरोप है कि उसने पटवारी और जमीन दलालों के साथ मिलकर घोटाला किया। किसानों की जमीन खरीदकर दस्तावेजों में बैक डेट में नाम दर्ज कराया गया। नामांतरण से लेकर भुगतान की रसीद तक बैक डेट में तैयार कराई गई। इस मामले में खेमराज कोसले, पुनउराम देशलहरे और कुंदन बघेल भी शामिल हैं।


