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चालक समेत कई हिरासत में
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
सूरजपुर, 4 जून। सूरजपुर पुलिस ने झाड़ू बिक्री की आड़ में लग्जरी बस से की जा रही गांजा तस्करी का बड़ा खुलासा करते हुए करीब आठ क्विंटल गांजा जब्त किया है। अंतरराज्यीय तस्करी से जुड़े इस मामले में पुलिस ने बस चालक समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। जब्त गांजे की कीमत करीब चार करोड़ रुपये बताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह अंबिकापुर-सिलफिली क्षेत्र के कुछ स्थानीय युवकों ने नीलम कंपनी की लग्जरी बस (सीजी 15 ईएच 4301) को राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर महावीरपुर कालीघाट के पास गुजरते देखा। बस में बड़ी मात्रा में झाड़ू के गठ्ठर लदे थे तथा उसमें महिला-पुरुष सवार थे। परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर युवकों ने डायल-112 को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम बस का पीछा करने निकली। इस दौरान सूचना देने वाले युवक भी अपने वाहनों से बस के पीछे लगे रहे। बताया जाता है कि सुबह करीब सात बजे बस सवार लोगों को पीछा किए जाने की भनक लगी तो उन्होंने बस रुकवाकर भागने का प्रयास किया। अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने बस को अपने कब्जे में लेकर सीधे दसवीं बटालियन परिसर पहुंचाया, जहां विस्तृत जांच की गई।
पीछा कर रहे युवकों पर चाकू से हमला
जानकारी के अनुसार बस का पीछा कर रहे आकाश सोनी और आकाश कुशवाहा पर कुछ तस्करों ने चाकू से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोटें आई हैं। बस में लगभग 20 से 22 महिला-पुरुष सवार बताए गए हैं।
दिनभर चली जांच, कई थानों की टीम जुटी
गांजे की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद एडिशनल एसपी योगेश देवांगन एवं एसडीओपी अभिषेक पैकरा के मार्गदर्शन में जयनगर, भटगांव और लटोरी पुलिस की टीम पूरे दिन जांच और जब्ती कार्रवाई में जुटी रही। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस ने सर्च अभियान भी चलाया।
चालक समेत कई महिलाएं गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में बस चालक सहित आधा दर्जन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान बस से आठ क्विंटल से अधिक गांजा तथा 540 नग झाड़ू बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
अंबिकापुर से कटनी तक बुक की गई थी बस
पुलिस जांच में सामने आया है कि नीलम कंपनी की उक्त बस को अंबिकापुर बस स्टैंड से कटनी (मध्यप्रदेश) तक के लिए बुक किया गया था। बस को झारखंड निवासी चालक छोटन राम चला रहा था। बताया जा रहा है कि यह बस कंपनी की स्पेयर बस थी।
पहले भी सामने आ चुका है गिरोह का नाम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार इसी गिरोह से जुड़े लोगों ने जनवरी माह में सिलफिली क्षेत्र से दो पिकअप और एक स्कॉर्पियो वाहन कटनी जाने के लिए बुक किए थे। उस समय भी झाड़ू व्यापार का हवाला दिया गया था, लेकिन जांच के दौरान कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र में वाहन पकड़े गए थे। उस मामले में गिरफ्तार लोग अब भी जेल में बंद बताए जाते हैं।
बताया जाता है कि इसी घटना के बाद वाहन संचालकों और स्थानीय लोगों को गिरोह की गतिविधियों पर संदेह हुआ था। गुरुवार को संदिग्ध बस दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके चलते बड़ी कार्रवाई संभव हो सकी।
ओडिशा से मध्यप्रदेश तक फैला नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि गांजा ओडिशा के मलकानगिरी क्षेत्र से लाकर मध्यप्रदेश के कटनी समेत अन्य इलाकों में खपाया जाता था। तस्कर झाड़ू व्यापार की आड़ लेकर अवैध मादक पदार्थों का परिवहन करते थे ताकि पुलिस और जांच एजेंसियों की नजर से बचा जा सके।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कडिय़ां जोडऩे में जुटी हुई है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


