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बाइक चोरी पर सीधे हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता को राहत नहीं
03-Jun-2026 12:10 PM
बाइक चोरी पर सीधे हाईकोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता को राहत नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 3 जून। मोटरसाइकिल चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज कराने और जांच शुरू कराने की मांग लेकर सीधे हाईकोर्ट पहुंचे एक व्यक्ति को राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि कानून में उपलब्ध वैकल्पिक उपाय अपनाए बिना सीधे रिट याचिका दायर नहीं की जा सकती।

सक्ती जिले के नंदेली गांव निवासी राजकुमार रात्रे की नई मोटरसाइकिल 25 फरवरी 2026 को बुधवारी बाजार से चोरी हो गई थी। उन्होंने थाना प्रभारी सहित एसपी, एसडीओपी और गृह सचिव को शिकायत भेजी थी।

याचिकाकर्ता का आरोप था कि शिकायत के तीन महीने बाद भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट के चर्चित ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार फैसले का हवाला दिया गया।

राज्य सरकार ने दलील दी कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के तहत याचिकाकर्ता मजिस्ट्रेट के समक्ष जा सकता है। हाईकोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि बीएनएसएस की धारा 175(3) और 223 के तहत प्रभावी वैकल्पिक उपाय उपलब्ध हैं। इसलिए रिट याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

37 साल पुराने किरायेदारी विवाद में मकान मालिक की जीत
हाईकोर्ट ने किरायेदार की बेदखली का आदेश बरकरार रखा
बिलासपुर, 3 जून। राजनांदगांव के 37 वर्ष पुराने किरायेदारी विवाद में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए किरायेदार की याचिका खारिज कर दी है।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति विभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने कहा कि दुकान की आवश्यकता व्यवसाय विस्तार के लिए वास्तविक और बोना फाइड है। इसलिए निचली अदालतों के आदेश में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।


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