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आईवीएफ गर्भावस्था के सत्यापन पर रिपोर्ट नहीं सौंपी थी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 3 जून। साइबर ठगी के एक मामले में आरोपी की अंतरिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि न्यायालय के निर्देशों का अक्षरशः पालन होना चाहिए।
मामला अंबिकापुर साइबर रेंज थाने में दर्ज करीब 20 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है। आरोपी सिद्धार्थ सिक्का को 1 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका में कहा गया कि उसकी पत्नी आईवीएफ प्रक्रिया के जरिए गर्भवती है और उसे निरंतर चिकित्सकीय देखभाल तथा रोजाना इंजेक्शन की आवश्यकता है। परिवार में देखभाल के लिए अन्य कोई सदस्य नहीं है।
पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने पुलिस को पत्नी की गर्भावस्था और चिकित्सा दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। लेकिन सुनवाई के दौरान प्रस्तुत शपथपत्र में इस संबंध में कोई जानकारी नहीं मिली।
इस पर अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि पुलिस ने जांच ही नहीं की है तो आरोपी की दलील को सही मानने का आधार बनता है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को छह सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की और भविष्य में ऐसी लापरवाही नहीं दोहराने के निर्देश दिए।


