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टेंडर प्रक्रिया में भागीदारी की मांग खारिज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 3 जून। दवा निर्माता कंपनी मैनकाइंड लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से अंतरिम राहत नहीं मिल सकी। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति बिभु दत्त गुरु की खंडपीठ ने कंपनी की स्थगन और अंतरिम राहत याचिका खारिज कर दी।
कंपनी ने राज्य सरकार द्वारा ब्लैकलिस्ट किए जाने को चुनौती दी थी। उसका कहना था कि ब्लैकलिस्ट होने के कारण वह नए टेंडरों में भाग नहीं ले पा रही है। 2 और 8 जून को प्रस्तावित निविदाओं में हिस्सा न लेने से उसे भारी व्यावसायिक नुकसान होगा।
मामले की तात्कालिकता को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विशेष सुनवाई की गई। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उपस्थित अधिवक्ता त्रिविक्रम नायक ने राहत का विरोध किया।
अदालत ने रिकॉर्ड में उपलब्ध कारण बताओ नोटिस का अवलोकन करने के बाद कहा कि कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं। ऐसे में उसे फिलहाल टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
खंडपीठ ने अंतरिम राहत याचिका खारिज कर दी। अब मामले की आगे सुनवाई ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद होगी।


