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500 से ज्यादा राजस्व अधिकारी काम बंद पर
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर, 29 मई। सरगुजा जिले के सीतापुर क्षेत्र में भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी आंदोलन का रूप ले लिया है। नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले को लेकर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल पर चले गए। राजस्व अधिकारियों की हड़ताल से रायपुर, रायगढ़, सरगुजा समेत कई जिलों में कामकाज प्रभावित रहा।
राजस्व अधिकारियों ने विधायक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया, वहीं दूसरी ओर विधायक रामकुमार टोप्पो ने स्वयं गिरफ्तारी देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। विधायक ने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी प्रकार की भीड़ या तनाव की स्थिति पैदा नहीं करने की अपील भी की।
पत्रकारों से चर्चा में विधायक ने कहा कि यह सुशासन की सरकार है। मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने में भी कोई परेशानी नहीं हुई, इसलिए मैं खुद गिरफ्तारी देने जा रहा हूं। उन्होंने इस दौरान कांग्रेस शासनकाल पर भी निशाना साधा।
पूरा मामला मैनपाट क्षेत्र के राजापुर उप तहसील कार्यालय से जुड़ा हुआ है। यहां पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों पर मारपीट का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस ने विधायक समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दूसरी ओर विधायक की बहन सीमा धनकी ने नायब तहसीलदार पर अभद्र व्यवहार और बदसलूकी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कार्यालय में फाइल पर हस्ताक्षर कराने की बात कहने पर तुषार मानिक नाराज हो गए और फाइल फेंकते हुए उन्हें बाहर निकलवा दिया। इस मामले में पुलिस ने नायब तहसीलदार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार सीमा धनकी ने जमीन संबंधी शाख शोध पत्र बनवाने के लिए 14 मई को आवेदन दिया था। आरोप है कि कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी काम नहीं हुआ। बुधवार को दोबारा कार्यालय पहुंचने पर विवाद की स्थिति बन गई।
नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि शाम को विधायक ने उन्हें राजापुर बुलाया, जहां समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। उनका यह भी कहना है कि विधायक ने अलग ले जाकर उन्हें पीटा, जबकि बीच-बचाव के लिए पहुंचे एसडीएम फागेश सिन्हा ने उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
वहीं तुषार मानिक ने विधायक की बहन से अभद्रता के आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि केवल अगले दिन आने के लिए कहा गया था। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।


