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10 लाख लौटाने की बात छिपाकर दर्ज कराई एफआईआर पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक
25-May-2026 11:15 AM
10 लाख लौटाने की बात छिपाकर दर्ज कराई एफआईआर पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

दुर्ग के शाह दंपती को अंतरिम राहत

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 25 मई। जमीन सौदे से जुड़े विवाद में दर्ज आपराधिक मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दुर्ग के एक कारोबारी दंपती को बड़ी राहत दी है। अदालत ने पाया कि शिकायतकर्ता को 10 लाख रुपये वापस मिलने की जानकारी छिपाकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई तक चल रही आपराधिक कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी।

मामले की सुनवाई न्यायालय में न्यायमूर्ति की एकलपीठ में हुई। अगली सुनवाई 15 जून से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी। इस मामले में दंपती को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है।

भिलाई के सूर्य विहार कॉलोनी निवासी और सिंप्लेक्स कास्टिंग कंपनी की डायरेक्टर संगीता केतन शाह तथा उनके पति केतन एम. शाह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्रवाई को चुनौती दी थी।

मामले में बताया गया कि जमीन खरीद के लिए 15 लाख रुपये का सौदा हुआ था, जिसमें शिकायतकर्ता सुनील कुमार ने 10 लाख रुपये अग्रिम दिए थे। लेकिन जमीन का पंजीयन संभव नहीं होने पर 10 अक्टूबर 2024 को पूरी राशि वापस शिकायतकर्ता के खाते में जमा करा दी गई।

हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद बैंक स्टेटमेंट का परीक्षण किया और माना कि 10 लाख रुपये वापस किए जा चुके थे। अदालत ने कहा कि यह महत्वपूर्ण तथ्य न तो आपराधिक शिकायत में बताया गया और न ही दीवानी वाद में।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि मजिस्ट्रेट अदालत को यह जानकारी पहले दी जाती तो संभव है एफआईआर दर्ज करने का आदेश ही नहीं दिया जाता।

याचिका में कहा गया कि शिकायतकर्ता ने नवंबर 2025 में पुलिस शिकायत, दिसंबर 2025 में सिविल केस और मार्च 2026 में धारा 156(3) के तहत आवेदन दायर किया, लेकिन हर जगह यह तथ्य छिपाया कि उसे उसकी अग्रिम राशि वापस मिल चुकी थी।

इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दुर्ग के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में चल रही आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी।

 


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