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बुका झील में ठेके के खिलाफ आदिवासी मछुआरों का सम्मेलन, कांग्रेस का मिला साथ
25-May-2026 12:25 PM
बुका झील में ठेके के खिलाफ आदिवासी मछुआरों का सम्मेलन, कांग्रेस का मिला साथ

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

कोरबा, 25 मई। मिनीमाता हसदेव बांगो बांध से विस्थापित आदिवासी और मछुआरा समुदायों ने अपनी पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों को लेकर संघर्ष तेज करने का ऐलान किया है। रविवार को कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा तहसील अंतर्गत बुका गांव में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेशभर से आए मछुआरा सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने वर्तमान मत्स्य नीति का विरोध करते हुए ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई।

यह सम्मेलन विस्थापित आदिवासी हसदेव जलाशय संघर्ष समिति और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। सम्मेलन में 58 गांवों की 22 मछुआरा सहकारी समितियों से जुड़े बड़ी संख्या में विस्थापित आदिवासी और मछुआरा समुदाय के लोग शामिल हुए।

सम्मेलन में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि राज्य की वर्तमान मत्स्य नीति के तहत 1000 हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र वाले जलाशयों को ठेके पर दिया जा रहा है। इससे परंपरागत रूप से मछली पालन और मछली पकड़ने पर निर्भर आदिवासी एवं मछुआरा समुदायों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने की। मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत रहे। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव, कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत सहित कांग्रेस के कई विधायक और पदाधिकारी भी सम्मेलन में मौजूद रहे।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के अनुसार वनभूमि पर बने जलाशयों में मत्स्य पालन और मछली पकड़ने का अधिकार स्थानीय आदिवासी और मछुआरा समुदायों का है। कानून लागू होने के बाद ये अधिकार स्वतः समुदायों को मिल जाने चाहिए थे, लेकिन छत्तीसगढ़ में अब भी ठेका प्रणाली जारी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के कारण लाखों आदिवासी और मछुआरा परिवार अपने पारंपरिक अधिकारों से वंचित हैं।

मिनीमाता हसदेव बांगो जलाशय से विस्थापित समुदाय लंबे समय से अपने अधिकारों की बहाली की मांग कर रहे हैं। सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि मत्स्य नीति को पूरी तरह समाप्त कराने और जलाशयों पर स्थानीय समुदायों के अधिकार सुनिश्चित कराने के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। सभा में मौजूद लोगों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया।


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