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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
पिथौरा, 21 मई। वन विकास निगम रवान अंतर्गत ग्राम मुरुमडीह में बुधवार रात अकेले भटक रहे हाथी ने खेत में रखे धान के ढेर (खरही) को नुकसान पहुँचाया है।
ग्रामीणों के अनुसार, रात के समय एक हाथी खेत में पहुंचा और वहां रखी धान की खरही को रौंद दिया। मुरुमडीह निवासी 58 वर्षीय किसान छिनूराम बरिहा ने बताया कि इस घटना से उनकी फसल का नुकसान हुआ है और आर्थिक समस्या उत्पन्न हो गई है। यह घटना पिथौरा क्षेत्र में भालू द्वारा किए गए हमले के अगले दिन सामने आई है।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग द्वारा क्षेत्र में हाथी की मौजूदगी को लेकर कोई पूर्व चेतावनी या अलर्ट जारी नहीं किया गया था। उनका कहना है कि यदि विभाग ने समय रहते सूचना दी होती, तो फसल को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा सकता था। ग्रामीणों के अनुसार, वन कार्यालयों में निगरानी के लिए सिस्टम मौजूद होने के बावजूद सूचना के अभाव में यह नुकसान हुआ।
घटना के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से क्षति का आकलन कर पीडि़त किसान को मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, ग्रामीणों ने हाथी की लोकेशन ट्रैक कर भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।



