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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बीजापुर, 21 मई। बिजापुर जिले के विकासखंड भैरमगढ़ अंतर्गत अत्यंत दुर्गम एवं अंदरुनी क्षेत्र नूगुर तथा उसके आश्रित गांवों में यूनिवर्सल हेल्थ स्क्रीनिंग शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लंबी दूरी तय कर ग्रामीणों तक पहुँचकर स्वास्थ्य सेवाओं की नई मिसाल पेश की।
इस विशेष स्वास्थ्य शिविर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर दीपक कुमार देवांगन के साथ सेक्टर सुपरवाइजर कुटरू के.पी. बीरवंश, अतुल कुशवाह (आरएचओ मेल), राजू पुंगेठी (आरएचओ मेल), रीता फुलमादरी (एएनएम), दीप्ति खेस (सीएचओ बेदरे), आकृति भगत (सीएचओ मुरकिनार) एवं मनोरमा तोकल (एएनएम) ने सक्रिय भूमिका निभाई।
उप स्वास्थ्य केंद्र नूगुर विकासखंड मुख्यालय से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित है। यहाँ पहुँचने के लिए स्वास्थ्य टीम को लगभग 2 किलोमीटर चौड़ी इंद्रावती नदी पार करनी पड़ती है। लंबे समय तक यह क्षेत्र नक्सल प्रभाव और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सरकारी योजनाओं से दूर रहा, लेकिन अब धीरे-धीरे शासन की योजनाएं गांवों तक पहुँच रही हैं और ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम नूगुर, हिंगमेटा एवं हुर्रागवाली में शिविर लगाकर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की तथा स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण एवं शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी।
ग्रामीणों में बढ़ रहा स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पहले ग्रामीण स्वास्थ्य जांच और बच्चों के टीकाकरण से कतराते थे, लेकिन अब ग्रामीण स्वयं आगे आकर स्वास्थ्य परीक्षण करा रहे हैं तथा बच्चों का नियमित टीकाकरण भी करवा रहे हैं। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीम की नियमित पहुँच से ग्रामीणों का स्वास्थ्य विभाग के प्रति विश्वास मजबूत हो रहा है और लोग स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बन रहे हैं।
शिविर में हुआ व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण
नूगुर में कुल मरीज - 207, एनसीडी स्क्रीनिंग - 75, बुखार - 03, खुजली - 05, एएनसी - 01, अन्य मरीज - 123, हिंगमेटा में कुल मरीज - 125, एनसीडी स्क्रीनिंग- 42, बुखार - 00, खुजली - 02, अन्य मरीज - 81, और हुर्रागवाली में कुल मरीज - 310, एनसीडी स्क्रीनिंग - 115, बुखार - 05, खुजली- 03, अन्य मरीज - 187 मिले।
तीनों गांवों में कुल 642 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। शिविर के दौरान मरीजों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गईं तथा गंभीर मरीजों को आगे उपचार हेतु सलाह दी गई।
स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयास न केवल दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह ग्रामीणों में विश्वास, जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य भविष्य की उम्मीद भी जगा रहा है।



