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सीएम ने विपक्ष को चेताया
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 30 अप्रैल 2026। विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि नारी शक्ति वंदन में बाधा डालने वालों को जनता माफ नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री ने शासकीय संकल्प के समर्थन में कहा कि छत्तीसगढ़ माता शबरी, मां दंतेश्वरी और मां महामाया की पावन भूमि है, जहां नारी को शक्ति स्वरूप माना जाता है। भारतीय संस्कृति में नारी को सृजन और शक्ति की आधारशिला बताते हुए उन्होंने “या देवी सर्वभूतेषु…” श्लोक का उल्लेख किया।
उन्होंने इतिहास और वर्तमान के उदाहरण देते हुए कहा कि मिनीमाता, रानी लक्ष्मीबाई, रानी दुर्गावती और अवंती बाई के बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। वहीं कल्पना चावला और सुनीता विलियम्स जैसी महिलाओं ने अंतरिक्ष में भारत का गौरव बढ़ाया है।
महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समय पर परिसीमन नहीं होने से लोकतंत्र कमजोर हुआ है और जनप्रतिनिधियों के लिए क्षेत्र बहुत बड़े हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने राजनीतिक कारणों से महिला आरक्षण का विरोध किया।
मुख्यमंत्री ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और सुकन्या समृद्धि जैसी योजनाओं ने महिलाओं को सम्मान और आर्थिक मजबूती दी है।
प्रदेश सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए जा चुके हैं। बस्तर क्षेत्र में भी हजारों महिलाएं इन योजनाओं का लाभ ले रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को स्वामित्व का अधिकार दिया जा रहा है, जबकि जल जीवन मिशन के जरिए लाखों परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया गया है। राज्य में 8 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और लक्ष्य 10 लाख तक पहुंचाने का है।
पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की 57 प्रतिशत भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पूरे देश के लिए उदाहरण है। उन्होंने विपक्ष पर नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का विरोध कर महिलाओं के अधिकारों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि मातृशक्ति के राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए देश में एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, लेकिन विपक्ष की हठधर्मिता इसमें बाधा बन रही है। उन्होंने सभी से महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के इस प्रयास में सहयोग करने की अपील की।


