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ईवीएम छेड़छाड़ का आरोप खारिज, सबूत मिलने पर दोबारा याचिका दायर करने की छूट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 30 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर लोकसभा क्षेत्र से निर्वाचित सांसद भोजराज नाग को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है। पूर्व प्रत्याशी बीरेश ठाकुर द्वारा दाखिल इस याचिका में ईवीएम से छेड़छाड़ और चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि केवल आरोपों के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की पुनः जांच का आदेश नहीं दिया जा सकता। इसके लिए ठोस मौखिक या दस्तावेजी साक्ष्य का रिकॉर्ड में होना अनिवार्य है। साक्ष्यों के अभाव में अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ता बीरेश ठाकुर ने अपनी अर्जी में जिला निर्वाचन अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी को निर्देश देने की मांग की थी कि वे 26 अप्रैल 2024 को हुए चुनाव में उपयोग किए गए बैलेट यूनिट, कंट्रोल यूनिट और वीवीपैट मशीनों की जांच और सत्यापन की अनुमति दें।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि रिटर्निंग अधिकारी ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से चुनाव प्रक्रिया का संचालन किया और कई स्तरों पर गड़बड़ियां कीं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुआ। विशेष रूप से गुंडरदेही, सिहावा, संजारी बालोद, डोंडी लोहारा (ST) और केशकाल विधानसभा क्षेत्रों में वीवीपैट यूनिट नंबर और फॉर्म 17सी में दर्ज मशीन नंबरों के बीच विसंगतियों का दावा किया गया था।
हालांकि, हाईकोर्ट ने इन आरोपों को इस चरण पर स्वीकार नहीं किया और कहा कि बिना प्रारंभिक साक्ष्य के जांच का आदेश देना संभव नहीं है।
फिर भी, अदालत ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए यह छूट दी है कि यदि भविष्य में वह ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करता है, तो नई याचिका दायर कर सकता है।


