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रेप के आरोप से बरी, किडनैप की सजा बरकरार
29-Apr-2026 12:15 PM
रेप के आरोप से बरी, किडनैप की सजा बरकरार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 29 अप्रैल। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपहरण और दुष्कर्म से जुड़े एक पुराने मामले में आरोपी को आंशिक राहत दी है। अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दुष्कर्म के आरोप से आरोपी को बरी कर दिया, लेकिन अपहरण से संबंधित धाराओं में सजा को बरकरार रखा है।

यह मामला 21 मार्च 2005 का है, जब जशपुर में आरोपी ने एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह उसे रायगढ़ ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किए जाने का आरोप था। घटना की जानकारी मिलने पर परिजनों ने दोनों को वापस लाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।

मामले की सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 450, 363, 366 और 376 के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले को चुनौती देते हुए आरोपी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि दुष्कर्म के आरोप को लेकर पर्याप्त ठोस साक्ष्य नहीं हैं, जिससे आरोपी को संदेह का लाभ दिया गया। इसके चलते धारा 376 के तहत दी गई सजा को निरस्त कर दिया गया। हालांकि, अपहरण और अन्य संबंधित धाराओं (363, 366, 450) में दोष सिद्ध होने के कारण सजा को बरकरार रखा गया।

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी इन धाराओं के तहत निर्धारित सजा पहले ही पूरी कर चुका है। रिकॉर्ड के अनुसार, वह कुल 4 वर्ष 4 महीने जेल में रह चुका है।

 


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