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दुर्ग ट्रिपल मर्डर, फांसी की सजा
29-Apr-2026 3:08 PM
दुर्ग ट्रिपल मर्डर, फांसी की सजा

सीसीटीवी और कॉल डिटेल से खुला राज

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 29 अप्रैल
। दुर्ग जिले के बहुचर्चित तालपुरी ट्रिपल मर्डर केस में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। करीब 6 साल पुराने इस जघन्य हत्याकांड में आरोपी ने अपनी पत्नी, डेढ़ माह की मासूम बच्ची और एक अज्ञात मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति की निर्ममता से हत्या कर दी थी।
एक ही रात में तीन हत्याएं, रची थी खौफनाक साजिश

21 जनवरी 2020 की सुबह भिलाई के तालपुरी स्थित पारिजात कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक घर से धुआं उठता मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर महिला मंजू शर्मा और उसकी डेढ़ माह की बच्ची मृत मिलीं, वहीं एक अज्ञात व्यक्ति की अधजली लाश भी बरामद हुई।

मौके पर मिले साक्ष्यों से शुरुआत में मामला भटकाने की कोशिश की गई थी। कमरे में 'संजय देवांगन आर्मीÓके नाम से भ्रामक संदेश लिखा गया था, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।
खुद को मृत साबित करना चाहता था आरोपी

जांच में सामने आया कि आरोपी रवि शर्मा ने साजिश के तहत अपने कद-काठी के एक मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को घर बुलाया, उसे नशीला पदार्थ देकर मार डाला और उसकी पहचान छुपाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। उसका मकसद था कि पुलिस उसे मृत समझे और वह फरार होकर नई जिंदगी शुरू कर सके।
आरोपी ने पहले अज्ञात व्यक्ति की हत्या की, फिर पत्नी मंजू को नींद की दवा देकर उसके हाथ-पैर बांधकर मार डाला। इसके बाद अपनी डेढ़ माह की मासूम बच्ची की भी नाक-मुंह दबाकर हत्या कर दी। वारदात को हादसा दिखाने के लिए आरोपी ने गैस सिलेंडर ब्लास्ट की भी योजना बनाई, लेकिन वह पूरी तरह सफल नहीं हो सकी।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। घटना के बाद वह रायपुर होते हुए राउरकेला भाग रहा था, लेकिन रेलवे स्टेशन पर ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

मामले की सुनवाई के बाद दुर्ग न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयरÓ केस मानते हुए आरोपी रवि शर्मा को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अभिभाषक भावेश कटरे ने पैरवी की। वहीं तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेश कुमार ध्रुव द्वारा की गई विवेचना और मजबूत साक्ष्यों के चलते अदालत ने कड़ी सजा सुनाई।
सुनियोजित, निर्मम और दिल दहला देने वाला अपराध
यह मामला अपनी क्रूरता, साजिश और पुलिस को गुमराह करने की कोशिशों के कारण प्रदेश के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा। अदालत के इस फैसले को न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है।


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