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गांव पहुंचकर घर की दीवारों पर लिखा ‘गद्दार’, सोशल मीडिया पर भी फूटा गुस्सा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 अप्रैल। राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने के फैसले ने छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल तेज कर दी है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे विश्वासघात करार देते हुए खुलकर विरोध शुरू कर दिया है।
मुंगेली जिले के लोरमी क्षेत्र में सोमवार को आप कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इसके बाद वे पाठक के पैतृक गांव बटहा पहुंचे, जहां उन्होंने उनके घर के बाहर नारेबाजी की और दीवारों पर गद्दार लिखकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। पोस्ट में लिखा गया-जिसे हम ‘थिंक टैंक’ समझते थे, वह सेप्टिक टैंक निकला।
संदीप पाठक को आप के प्रमुख रणनीतिकारों में गिना जाता रहा है। अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले पाठक ने पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। खासतौर पर 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में उनकी रणनीति को जीत का बड़ा कारण माना गया।
अप्रैल 2022 में उन्हें पंजाब से राज्यसभा भेजा गया और बाद में राष्ट्रीय संगठन महासचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई। वे पार्टी की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्य भी रहे, जहां से कई अहम फैसलों में उनकी भूमिका रही।
छत्तीसगढ़ में संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी भी उन्हें दी गई थी। करीब एक साल पहले उन्हें प्रदेश प्रभारी बनाया गया, जहां उन्होंने जमीनी स्तर पर पार्टी का विस्तार करने का काम किया। बूथ स्तर तक संगठन खड़ा करने में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
मुंगेली जिले के एक साधारण किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान बनाने वाले पाठक ने अपने गांव और बिलासपुर में पढ़ाई की और आगे चलकर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी हासिल की। वे आईआईटी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर भी रह चुके हैं।
माना जा रहा है कि संदीप पाठक का आप छोड़ना छत्तीसगढ़ में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के लिए बड़ा झटका है। वहीं, बीजेपी में उनके शामिल होने से प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनने के संकेत भी मिल रहे हैं।


