ताजा खबर
आदिवासी छात्रा ने व्हिसलब्लोअर बन कर किया था खेल का किया खुलासा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 अप्रैल। स्कूलों में खुलेआम नकल के आरोपों पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव को जवाब देने के लिए कहा है। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को तय की गई है।
घटना महासमुंद जिले के बसना इलाके के भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल परीक्षा केंद्र से सामने आई थी। 12वीं की परीक्षा दे रही एक आदिवासी छात्रा नीता जगत ने नकल के इस संगठित तंत्र का स्टिंग ऑपरेशन के जरिये खुलासा किया। परीक्षा केंद्र में शिक्षक खुद छात्रों को जवाब बोलकर और मोबाइल फोन के जरिये बता रहे थे। केंद्र अधीक्षक और शिक्षकों की इस धांधली की रिकॉर्डिंग करने के बाद छात्रा ने जिला स्तर पर अधिकारियों से शिकायत की। वहां सुनवाई नहीं होने पर छात्रा ने माध्यमिक शिक्षा मंडल के रायपुर दफ्तर में पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने दावा किया है कि शिकायत की जांच की जा रही है। वही छात्रा ने आरोप लगाया ह कि नकल का विरोध करने पर उस पर दबाव बनाया जा रहा है और उसे अपमानित किया जा रहा है।
इस मामले में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु जी. पिल्लै ने भी महासमुंद कलेक्टर से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। बोर्ड ने रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है। साथ ही, यदि नकल की पुष्टि होती है तो परिणाम घोषित होने के बाद भी उसे संशोधित किया जाएगा।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायाधीश रविंद्र कुमार अग्रवाल ने अब इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज कर लिया है। अदालत ने पूछा है कि स्कूलों में इस तरह की अनियमितताएं कैसे हो रही हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे? सरकार के जवाब पर 4 मई को सुनवाई होगी।


