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एसएलपी खारिज
नई दिल्ली, 24 फरवरी। भिलाई नगर विधानसभा निर्वाचन से जुड़े चुनाव याचिका प्रकरण में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के आदेश के विरुद्ध दायर उनकी विशेष अनुमति याचिका (SLP) को निराधार मानते हुए खारिज कर दिया और उन्हें हाईकोर्ट में चुनाव याचिका का सामना करने का निर्देश दिया।
यह मामला छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा पारित उस आदेश के विरुद्ध था, जिसमें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति राकेश मोहन पाण्डेय ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे की चुनाव याचिका को प्रारंभिक चरण में खारिज करने से इंकार करते हुए विस्तृत परीक्षण के लिए स्वीकार किया था।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत एवं न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ के समक्ष हुई।
देवेंद्र यादव की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने तर्क रखा कि चुनाव शपथपत्र में ‘प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर’ (घोषित फरार आरोपी) की स्थिति का उल्लेख करना आवश्यक नहीं था।
वर्ष 2018 एवं 2023 के शपथपत्रों में संपत्ति का मूल्य गलत दर्शाया जाना केवल अनजाने में हुई त्रुटि थी।
चुनाव अवधि में की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस को भ्रष्ट आचरण नहीं माना जा सकता, क्योंकि वह केवल राजनीतिक प्रतिक्रिया थी।
याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुमेर सोढ़ी भी उपस्थित रहे।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पाण्डेय की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता बी. एल. हंसारिया एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श रविशंकर जंधालिया ने प्रतिवाद करते हुए कहा कि संपत्तियों के मूल्यांकन में भारी अंतर और कथित गलत घोषणा विस्तृत साक्ष्य एवं परीक्षण का विषय है।
दोनों पक्षों को सुनने के पश्चात् सुप्रीम कोर्ट ने माना कि चुनाव याचिका में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और उनका समुचित न्यायिक परीक्षण आवश्यक है। न्यायालय ने कहा कि इस चरण पर हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता।
इस प्रकार विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी है।


