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बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड की विजेताओं की घोषणा हो गई है. भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2025 हैं.
अवॉर्ड मिलने के बाद स्मृति मंधाना ने कहा, "ये अवॉर्ड देने के लिए बीबीसी का शुक्रिया. साल 2025 बेहद ख़ास रहा. मुझे खुशी है कि मैं टीम की जीत में योगदान दे सकी."
इस साल इस अवॉर्ड के लिए पांच दावेदार थे- क्रिकेटर हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, शतरंज खिलाड़ी दिव्या देशमुख, निशानेबाज़ सुरुचि सिंह और एथलीट ज्योति याराजी.
वहीं चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर 2025 अवॉर्ड मिला है और बीबीसी पैरा-स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2025 पैरा एथलीट प्रीति पाल को मिला है.
प्रीति पाल पेरिस पैरालंपिक्स 2024 में ट्रैक एंड फील्ड में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय पैरा एथलीट हैं.
शूटर अंजलि भागवत को बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025 मिला है.
बीबीसी चेंजमेकर्स ऑफ द ईयर
भारतीय महिला आइस हॉकी टीम: गैर-परंपरागत खेल में बाधाओं को पार करने के लिए.
राजबीर कौर: भारतीय फ़ील्ड हॉकी खिलाड़ी और भारतीय राष्ट्रीय महिला टीम की पूर्व कप्तान.
सविता पुनिया: भारतीय फ़ील्ड हॉकी खिलाड़ी और राष्ट्रीय टीम की मौजूदा सदस्य.
पानी देवी: खेल जगत में ज़मीनी स्तर पर प्रभावशाली योगदान के लिए.
कलेक्टिव न्यूज़रूम की एडिटर इन चीफ़ और सह संस्थापक रूपा झा
इमेज कैप्शन,कलेक्टिव न्यूज़रूम की एडिटर इन चीफ़ और सह संस्थापक रूपा झा
कलेक्टिव न्यूज़रूम की एडिटर इन चीफ़ और सह संस्थापक रूपा झा ने कहा, "आज जब दुनिया परेशान करने वाले सच से जूझ रही है, ताकतवर लोगों के नाम सामने आ रहे हैं, सर्वाइवर चुप रहने से इनकार कर रहे हैं, सिस्टम से सवाल किए जा रहे हैं."
"ऐसे में ये सब बातें याद दिलाती हैं कि ऐसे मंचों का होना क्यों अहम है. क्योंकि उत्पीड़न की हर कहानी के सामने सम्मान और जीत की कहानियों का होना भी ज़रूरी है, ऐसी जगह होना ज़रूरी है जहां महिलाओं को दबाया नहीं जाता बल्कि उनकी कामयाबियों का उत्सव मनाया जाता है. बीबीसी बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड इसी के लिए खड़ा है. हम आगे भी गहराई और सम्मान के साथ ऐसी कहानियों को आप तक लाते रहें...परिंदों सी बन रही हैं लड़कियाँ."
"उन्हें उड़ने में मज़ा आता है,
उन्हें मंज़ूर नहीं उनके परों का काटा जाना…"
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना खेल की अब तक की महान खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाने की ओर तेज़ी से बढ़ रही हैं.
29 वर्षीय बाएं हाथ की बल्लेबाज़ मंधाना, महिला वनडे क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक के मामले में दूसरे स्थान पर हैं और मौजूदा खिलाड़ियों में सबसे ज़्यादा रन बनाने के मामले में तीसरे स्थान पर.
पश्चिमी भारत के महाराष्ट्र राज्य के सांगली शहर में जन्मी स्मृति को क्रिकेट खेलने की प्रेरणा अपने पिता और भाई से मिली. वो दोनों ज़िला स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं.
2013 में अंडर‑19 ज़ोनल टूर्नामेंट खेलते हुए वह लिस्ट-ए मैच में दोहरा शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं.
पिछले साल सितंबर में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ 50 गेंदों में शतक जड़ा, जो 50 ओवर क्रिकेट में किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा लगाया गया सबसे तेज़ शतक था और उन्होंने विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
उन्हें 2018 और 2021 में दो बार आईसीसी विमेन्स क्रिकेटर ऑफ़ द ईयर चुना गया है. साल 2019 में भारत सरकार ने उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया.
प्रीति पाल और अंजलि भागवत ने क्या कहा
बीबीसी पैरास्पोर्ट्स वुमन ऑफ़ द ईयर 2025 बनने के बाद प्रीति पाल, "चैलेंज हर किसी चीज़ में आता है, अपने आप में कॉन्फिडेंस रखें, हार से भी हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है. बीबीसी का बहुत-बहुत शुक्रिया. ये अवॉर्ड मेरा नहीं, बल्कि मेरी पूरी टीम का है."
खेल रत्न विजेता अंजलि भागवत ने बीबीसी लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड मिलने के बाद कहा, "शूटिंग मेरी ज़िंदगी है. अगर मैं शूटिंग रेंज में नहीं होती, तो ऐसा लगता है कि कुछ कमी सी है. समर्पण और प्रतिबद्धता से मुझे काफ़ी मदद मिली. मैं कई महिलाओं के लिए बाधाएं दूर करने वाली बन सकती हूं. भारतीय शूटिंग पीक पर पहुंच चुकी है. और कड़ी मेहनत का दूसरा कोई विकल्प नहीं है."
उन्होंने इस अवॉर्ड पर कहा, "इस ट्रॉफ़ी को हाथों में लेकर बड़ा ख़ास महसूस हो रहा है. बीते 40 साल से मैं इस लक्ष्य के पीछे हूं, आज मैं ठहरकर अपने सफ़र को दोबारा जी रही हूं. खेलों में जाने का फ़ैसला काफ़ी मुश्किल, बहुत महंगा था. ये पुरुषों के वर्चस्व वाली फ़ील्ड थी. ये ट्रॉफ़ी सिर्फ़ मेरी नहीं, बल्कि उन सभी कोच की भी है, जिन्होंने ये यक़ीन दिखाया कि मैं ऐसा कर सकती हूं. मेरे टीम के साथियों की भी है. हमने अगली पीढ़ी के लिए राह तैयार की, कड़ी मेहनत का दूसरा कोई विकल्प नहीं है, इस प्रक्रिया का लुत्फ़ लीजिए."
राजीव शुक्ला की अपील- महिला क्रिकेट को सपोर्ट करिए
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर 2025 अवॉर्ड्स के दौरान बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने लोगों द्वारा महिला क्रिकेट को प्राथमिकता नहीं देने का मुद्दा उठाया.
उन्होंने कहा, "हमारी महिला टीम बहुत शानदार खेल रही है. बीसीसीआई महिला क्रिकेट को प्रमोट करने के लिए प्रयास कर रही है. उनकी सैलरी बढ़ाई गई है, उनके मैच बढ़वाए गए हैं. मेरी अपील है कि आप लोग महिला क्रिकेट को देखना शुरू करें. तभी ये पुरुष क्रिकेट के बराबर पहुंच सकती है."
उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए महिला प्रीमियर लीग के मैचों के दौरान दर्शक मैदान पर नहीं पहुंचे और ग्राउंड लगभग खाली ही दिखाई दिए.
वहीं केंद्रीय खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने भी इस इवेंट में हिस्सा लिया.
उन्होंने कहा, "आज यहां आकर काफ़ी अच्छा लग रहा है. मुझे लगता है कि आज हमें इसी की ज़रूरत है. हमें अपने एथलीट्स को आगे लेकर जाना है. लाइफ़ को सही मायने में समझना है, तो वो स्पोर्ट्स से सीखा जाता है. हमें हमारी महिला एथलीट्स को देखकर बहुत ख़ुशी होती है, स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री भी यही प्रयास कर रही है कि सभी फेडरेशन में हम 33% आरक्षण रख सकें. स्पोर्ट्स को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी हम सभी की है. हमें इसे ग्लोबल स्टेज तक लेकर जाना हैं."
बीबीसी के सीईओ जोनाथन मुनरो क्या बोले
बीबीसी न्यूज़ एंड करेंट अफ़ेयर्स के सीईओ जोनाथन मुनरो ने कहा, "पिछला साल भारत की महिला खिलाड़ियों के लिए बेहद खास रहा. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने घरेलू मैदान पर रिकॉर्ड संख्या में दर्शकों के सामने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया."
"इसी तरह, इंडियन ब्लाइंड वीमेन्स क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा."
उन्होंने बताया, "इस साल के पुरस्कारों का सब्जेक्ट है 'Every Body Can Play'."
"और इसका फोकस है उन महिलाओं पर जिन्होंने शारीरिक, सामाजिक और सांस्कृतिक बाधाओं को पार कर खेल के मैदान में नाम कमाया."
"साल 2020 में अपनी शुरुआत से ही बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर उन महिलाओं को सम्मान देने की कोशिश कर रहा है, जो चुनौतियों के बावजूद शीर्ष तक पहुंचीं, लाखों लोगों को प्रेरणा दी और अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की मौजूदगी को पुख़्ता बनाया."
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर क्या है?
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार बीबीसी की भारतीय भाषाओं की मुहिम है जिसका मक़सद भारत की महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित करना और उनका जश्न मनाना है.
यह मंच मीडिया कवरेज के माध्यम से भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को ज़्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता है. क्योंकि ये एक ऐसा क्षेत्र रहा है जहां परंपरागत रूप से पुरुष खिलाड़ियों को प्राथमिकता मिलती रही है.
लेकिन पहचान के दायरों से परे बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार खेल में लैंगिक प्रतिनिधित्व और समानता के बारे में सार्थक चर्चाओं को भी बढ़ावा देता है.
बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ़ द ईयर पुरस्कार की शुरुआत 2019 में भारत की महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और उनका जश्न मनाने के लिए की गई थी. पहले संस्करण की विजेता बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु थीं.
2020 के संस्करण की विजेता वर्ल्ड चेस चैंपियन कोनेरू हम्पी रहीं, जबकि वेटलिफ़्टर मीराबाई चानू ने 2021 और 2022 में यह पुरस्कार जीता. वहीं, 2024 का पुरस्कार निशानेबाज़ मनु भाकर को मिला.
एथलीट पीटी उषा और अंजू बॉबी जॉर्ज, वेटलिफ़्टर कर्णम मल्लेश्वरी, हॉकी खिलाड़ी प्रीतम सिवाच और क्रिकेटर मिताली राज लाइफ़टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड की पूर्व विजेता रह चुकी हैं.
टेबल टेनिस खिलाड़ी भावना पटेल और निशानेबाज़ अवनी लेखरा बीबीसी इंडियन पैरा‑स्पोर्ट्सवुमन अवॉर्ड से सम्मानित हो चुकी हैं.
क्रिकेटर शेफ़ाली वर्मा, निशानेबाज़ मनु भाकर और तीरंदाज़ शीतल देवी को बीबीसी इमर्जिंग प्लेयर ऑफ़ द ईयर अवॉर्ड मिल चुका है. (bbc.com/hindi)


