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भारत के केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि कंटेंट जेनरेशन के क्षेत्र में एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैश्विक तकनीकी और कानूनी समाधान होने चाहिए और भारत इसके लिए 30 से अधिक देशों के मंत्रियों से बातचीत कर रहा है. एआई समिट के दौरान आयोजित एक सत्र में उन्होंने यह बात कही.
उन्होंने गलत और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार और डीपफेक्स के संकट पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि ये समाज की नींव पर हमला कर रहे हैं और ऐसे में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों, एआई मॉडलों और क्रिएटरों सभी को यह जिम्मेदारी लेनी चाहिए कि नई तकनीक लोगों के बीच भरोसा कम करने की बजाए भरोसा बढ़ाए.
उन्होंने आगे कहा कि लोगों की रचनात्मकता की प्रामाणिकता की रक्षा के लिए सरकार एआई से बने कंटेंट पर वॉटरमार्किंग और लेबलिंग को अनिवार्य बनाने के लिए सख्त नियम बना रही है. उन्होंने कहा, "हमें एआई में तकनीकी सुरक्षा उपायों और फीचर्स की जरूरत है. हम इन तकनीकों को हासिल करने के लिए उद्योग जगत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं." (dw.com/hi)


