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नई दिल्ली, 16 फरवरी 2026: आज से दिल्ली के भारत मंडपम में पाँच दिवसीय इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 शुरू हो गया है। यह समिट 16 से 20 फरवरी तक चलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका भव्य उद्घाटन किया। यह ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाला पहला ऐसा बड़ा अंतरराष्ट्रीय एआई सम्मेलन है, जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एआई जमावड़ा माना जा रहा है।
इस समिट में 135 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 20 देशों के राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री, 45 से अधिक देशों के मंत्री स्तर के प्रतिनिधि, 35 हजार से ज्यादा डेलिगेट्स, सीईओ, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और एक्सपर्ट शामिल हैं। कुल मिलाकर 2.5 लाख से ज्यादा लोग इसमें भाग ले रहे हैं। यह संख्या इसे अब तक का सबसे बड़ा एआई इवेंट बनाती है।
समिट में तकनीकी दिग्गजों की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया है। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, ओपनएआई के संस्थापक सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के ब्रैड स्मिथ, क्वालकॉम के क्रिस्टियानो अमोन, एडोब के शांतनु नारायण और एआई विशेषज्ञ नताशा मालानी जैसे बड़े नाम विदेश से आए हैं। भारत की ओर से मुकेश अंबानी, नंदन नीलेकणि, सुनील मित्तल, सलिल पारेख, विजय शेखर शर्मा, निकेश अरोड़ा और सी. विजयकुमार जैसे उद्योगपति और उनके विशेषज्ञ दल मौजूद हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन भाषण में कहा कि भारत एआई को सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का माध्यम मानता है। उन्होंने “एआई फॉर ऑल” की बात की और बताया कि भारत में एआई स्टार्टअप्स की संख्या 2014 के 100 से बढ़कर अब 5,000 से ज्यादा हो चुकी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एआई टैलेंट हब बन चुका है।
समिट में मुख्य फोकस चार क्षेत्रों पर है:
एआई इन गवर्नेंस और पब्लिक सर्विसेज
एआई इन एजुकेशन, हेल्थ और एग्रीकल्चर
एथिकल एआई और रिस्क मैनेजमेंट
एआई इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम
इस दौरान कई देशों के बीच एआई सहयोग समझौते भी होने की उम्मीद है। भारत ने पहले ही 10 से ज्यादा देशों के साथ एआई पार्टनरशिप शुरू की है। समिट में 500 से ज्यादा सेशन, 200 से ज्यादा स्पीकर और 100 से ज्यादा प्रदर्शनियाँ होंगी।
यह समिट भारत को ग्लोबल एआई लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। यहाँ न सिर्फ तकनीक की बात हो रही है, बल्कि एआई को मानवता के भले के लिए कैसे इस्तेमाल किया जाए, इस पर गंभीर चर्चा हो रही है। अगले पाँच दिनों में यह समिट कई बड़े फैसले और घोषणाओं के साथ खत्म होगा।


