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(संजय कुमार डे)
रांची, 16 फरवरी। झारखंड के रामगढ़ में पूरी तरह से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों की ओर से संचालित कैफे ‘ट्रांसकैफे’ का उद्घाटन मंगलवार को किया जाएगा। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि यह राज्य का अपनी तरह का पहला कैफे होगा।
अधिकारी के मुताबिक, ‘ट्रांसकैफे’ का संचालन जिला कलेक्टरेट पार्क से किया जाएगा और इसके प्रबंधन का जिम्मा ट्रांसजेंडर समुदाय के 10 सदस्यों का एक समूह संभालेगा।
रामगढ़ के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कैफे का उद्घाटन मंगलवार को होगा।
उन्होंने कहा, “यह पहल समुदाय के सदस्यों को समाज की मुख्यधारा में लाने और उनके लिए सम्मानजनक आजीविका के अवसर सृजित करने के मकसद से कई गई है।”
मुमताज ने कहा कि रामगढ़ में ‘किन्नर उत्थान समिति’ नामक स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) का गठन किया गया है और यही समूह कैफे का संचालन करेगा।
उन्होंने बताया कि ‘ट्रांसकैफे’ में शुरुआत में आगंतुकों को चाय, कॉफी और स्नैक्स परोसे जाएंगे तथा भविष्य में धीरे-धीरे व्यंजन-सूची (मेन्यू) का विस्तार करने की योजना है।
मुमताज के अनुसार, ‘ट्रांसकैफे’ झारखंड में पूरी तरह से ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों की ओर से संचालित पहला कैफे होगा।
‘किन्नर उत्थान समिति’ की अध्यक्ष हिमांशी प्रधान ने कहा कि यह पहल रोजगार से कहीं अधिक (अवसर) प्रदान करती है - यह समुदाय के सदस्यों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें संपर्क का माध्यम उपलब्ध कराने का काम करती है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के प्रति लोगों का अलग-अलग नजरिया होता है, लेकिन अगर हमें अवसर दिया जाए तो हम नृत्य और गायन के अलावा मुख्यधारा के काम भी कुशलतापूर्वक कर सकते हैं। यह कैफे हमें वही अवसर प्रदान करेगा।”
प्रधान ने उम्मीद जताई कि यह कैफे ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के बारे में बच्चों का दृष्टिकोण बदलने में भी मदद करेगा।
उन्होंने कहा, “बच्चों का ट्रांसजेंडर समुदाय से आमतौर पर कम संपर्क होता है, क्योंकि वे अक्सर हमसे डरते हैं। अब उनका नियमित संपर्क होगा, जिससे उनके विचारों में बदलाव आएगा।”
मुमताज ने कहा कि जिले में लगभग 50 ट्रांसजेंडर व्यक्ति हैं और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।
रामगढ़ के उपायुक्त ने बताया कि समुदाय के सदस्यों के लिए सोमवार को एक ‘ब्यूटीशियन’ प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया, जिसमें विशेषज्ञ उनके घरों पर जाकर ट्रेनिंग प्रदान करेंगे, ताकि वे अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें।
मुमताज के मुताबिक, जिला प्रशासन ने सदर अस्पताल में हर शनिवार को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक विशेष ओपीडी भी शुरू की है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पिछले शुक्रवार को जिला कलेक्टरेट पार्क, सदर अस्पताल और एक बस अड्डे के परिसर में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए तीन विशेष सार्वजनिक शौचालय शुरू किए गए। (भाषा)


