ताजा खबर

अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत से हड़कंप, खूनी संघर्ष का दावा
27-Jan-2026 12:55 PM
अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत से हड़कंप, खूनी संघर्ष का दावा

 ट्रैप कैमरे की तस्वीरों से खुला राज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 27 जनवरी। अचानकमार टाइगर रिजर्व (एटीआर) में दो से ढाई साल उम्र के एक बाघ का शव मिलने से वन अमले और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बाघ का शव अचानकमार रेंज के कक्ष क्रमांक 120 आरएफ में मिला, जो पूरी तरह सड़ चुका था। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि बाघ की मौत करीब सात से आठ दिन पहले हो चुकी है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब टाइगर गणना के लिए लगाए गए ट्रैप कैमरों की चिप निकाली गई। इन कैमरों में दो बाघों के बीच भीषण संघर्ष की तस्वीरें सामने आईं, जिनमें दोनों बाघ गंभीर रूप से घायल नजर आए। तस्वीरें देखकर प्रबंधन हरकत में आया और जंगल में सर्चिंग के निर्देश दिए गए।

रविवार को एटीआर की टीम घायल बाघों की खोज में निकली थी। इसी दौरान टीम को जंगल में एक बाघ का शव दिखाई दिया। यह देख अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी और पूरा वन अमला मौके पर पहुंचा। आसपास के इलाके की गहन सर्चिंग की गई, ताकि शिकार की आशंका को खारिज किया जा सके।

प्रारंभिक जांच में बाघ के शिकार के कोई संकेत नहीं मिले हैं। उसके दांत, नाखून और शरीर के अन्य अंग सुरक्षित पाए गए हैं। इसी आधार पर प्रथम दृष्टया बाघों के आपसी संघर्ष को मौत का कारण माना जा रहा है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सोमवार को अधिकारियों की मौजूदगी में पशु चिकित्सकों की टीम मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया।

जिन दो बाघों के बीच संघर्ष हुआ था, वे अब भी नजर नहीं आए हैं। प्रबंधन की चिंता इस बात को लेकर बढ़ गई है कि दोनों बाघ घायल हैं और समय पर उपचार न मिलने की स्थिति में उनकी जान को खतरा हो सकता है। इसी कारण पूरी टीम को उनकी तलाश में लगाया गया है।

अचानकमार टाइगर रिजर्व में पहले से ही बाघों की संख्या कम बताई जाती रही है। प्रबंधन के अनुसार रिजर्व में 18 बाघ थे, लेकिन इस घटना के बाद यह संख्या घटकर 17 रह गई है। जानकार इसे गंभीर क्षति मानते हुए प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

संयोग से ठीक एक साल पहले, 25 जनवरी को भी एटीआर में एक बाघिन की मौत हुई थी। उस समय भी मौत का कारण आपसी संघर्ष बताया गया था। बाघिन के शरीर पर दांत और खरोंच के गहरे निशान मिले थे।

अचानकमार टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर यूआर गणेश ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष से मौत का अनुमान है, लेकिन पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी।


अन्य पोस्ट