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भाजपा सरकार ने हिंदू समाज की सहनशीलता की परीक्षा ली है: संदीप तिवारी
रायपुर, 23 जनवरी। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुआ दुर्व्यवहार कोई साधारण प्रशासनिक घटना नहीं, बल्कि सनातन धर्म, उसकी हजारों वर्षों पुरानी परंपरा और करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर किया गया खुला और निर्लज्ज प्रहार है।
इस गंभीर और शर्मनाक घटना को लेकर छत्तीसगढ़ स्वर्ण संघर्ष समिति के संरक्षक संदीप तिवारी ने केंद्र एवं उत्तर प्रदेश राज्य की भाजपा सरकार और उत्तर प्रदेश प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सनातन संस्कृति को कुचलने का प्रयास बताया है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आज राष्ट्रपति एवं राज्यपाल को एक पत्र सोपा ।
संदीप तिवारी ने कहा कि शंकराचार्य का पद किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा स्थापित सनातन धर्म की सर्वोच्च वैचारिक और आध्यात्मिक सत्ता का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि - प्रयागराज वह भूमि है जहां वेद, शास्त्र और संत परंपरा सांस लेती है। उसी भूमि पर शंकराचार्य जी का मार्ग रोकना और उनके साथ दुर्व्यवहार करना यह दर्शाता है कि सत्ता के मद में चूर यह शासन अब सनातन के अस्तित्व को ही चुनौती देने पर उतर आया है। यह अपराध अक्षम्य है और हिंदू समाज इसे कभी नहीं भूलेगा।भाजपा का हिंदुत्व पूरी तरह बेनकाब हो गया है।भाजपा पर सीधा प्रहार करते संदीप तिवारी ने कहा कि आज भाजपा का तथाकथित हिंदुत्व पूरी तरह ढह चुका है।दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग की है संदीप तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार को स्पष्ट शब्दों में चेताया और मांग की है कि इस कृत्य में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक कर्मियों को तत्काल निलंबित कर बर्खास्त किया जाए। यह अपमान हर सनातनी के हृदय पर चोट है। यदि दोषियों पर तुरंत और निर्णायक कार्रवाई नहीं हुई, तो यह जनआक्रोश आंदोलन का रूप लेगा और इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन और प्रशासन की होगी। आज पत्र सौंपने वालों में पंडित वीरेंद्र शुक्ला , दिनेश पांडे, आशीष पांडे ,अतुल द्विवेदी ,गुलशन पांडे ,सत्यनारायण पांडे, मुकेश चतुर्वेदी,योगेश पांडे जी, वासु शर्मा, गोलू वेद प्रकाश कुशवाहा, आशीष देवांगन आदि उपस्थित रहे।


