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शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, 13 जनवरी तक दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी
09-Jan-2026 11:47 AM
शराब घोटाला मामले में सौम्या चौरसिया की अग्रिम जमानत पर सुनवाई पूरी, 13 जनवरी तक दंडात्मक कार्रवाई नहीं होगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 9 जनवरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री की उपसचिव रह चुकीं राज्य प्रशासनिक सेवा की निलंबित अधिकारी सौम्या चौरसिया को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट स फिलहाल राहत मिली है। संभावित गिरफ्तारी से बचने के लिए दाखिल उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर अदालत ने अपना फैसला 13 जनवरी तक सुरक्षित रख लिया है। तब तक के लिए अदालत ने एसीबी और ईओडब्ल्यू को सौम्या चौरसिया के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला गुरुवार को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में जस्टिस अरविंद वर्मा के समक्ष सुनवाई के लिए आया। सुनवाई के दौरान राज्य शासन और सौम्या चौरसिया की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अपने-अपने तर्क विस्तार से रखे। सभी दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने निर्णय सुरक्षित रखने का आदेश दिया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में शराब नीति में बदलाव कर लगभग 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इस मामले में अब तक पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के पूर्व सचिव निरंजन दास, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और आबकारी विभाग के ओएसडी रहे अरविंद सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है। ।

ईडी की जांच में यह सामने आया कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों के एक संगठित गिरोह ने आबकारी विभाग पर नियंत्रण स्थापित कर लिया था। आरोप है कि एक समानांतर आबकारी व्यवस्था चलाकर सरकारी नियमों को दरकिनार करते हुए अवैध कमाई की गई। इस दौरान “पार्ट-बी योजना” के जरिए सरकारी दुकानों से अवैध देसी शराब का निर्माण और बिक्री की गई, जिसमें नकली होलोग्राम और गैर-कानूनी बोतलों का इस्तेमाल हुआ।

इस प्रकरण में भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की भी गिरफ्तारी हुई थी, जिन्हें हाल ही में जमानत मिली। अब इसी मामले में सौम्या चौरसिया की भूमिका को लेकर एसीबी-ईओडब्ल्यू द्वारा कार्रवाई की गई है। ईओडब्ल्यू ने ईडी कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट के तहत आवेदन पेश किया है, जिसके चलते उन्होंने अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी।


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