ताजा खबर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 30 दिसंबर। रेंज साइबर थाना ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी पर वर्चुअल नंबर और व्हाट्सएप के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर 57 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक प्रार्थी को अज्ञात कॉलर्स ने वर्चुअल और फर्जी मोबाइल नंबरों से संपर्क किया। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में नाम आने और डिजिटल अरेस्ट की बात कहकर भय पैदा किया। केस से बचाने के नाम पर प्रार्थी से अलग-अलग किस्तों में कुल 57 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए गए।
जांच में सामने आया कि ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड, वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी बैंक खातों का उपयोग किया गया। ठगी की रकम निकालने के लिए आरोपी फर्जी बैंक खातों और सोशल मीडिया पर प्रचारित लेगेसी लोन नामक ऐप का सहारा लेते थे, जिसके जरिए रकम को लोन के रूप में आगे बांटकर आहरण किया जाता था।
साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक खातों की जानकारी, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़े होने के सुराग मिले। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर निरीक्षक गोपाल सतपथी के नेतृत्व में विशेष टीम दिल्ली रवाना हुई। तीन दिन की लगातार पतासाजी के बाद आरोपी को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी मनिंदर सिंह (54), निवासी शिकारपुर, जिला बुलंदशहर (यूपी) ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग पार्सल जैसे मामलों में फंसाने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करता था। उसने यह भी बताया कि कमीशन के लालच में अपनी कंपनी के नाम से जारी करंट अकाउंट में रकम मंगवाकर आहरण करता था।
इस कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में साइबर थाना टीम सहायक उप निरीक्षक अरविंद सिंह, जीवन साहू, प्रधान आरक्षक सैयद साजिद, आरक्षक चिरंजीव कुमार सहित अन्य स्टाफ की भूमिका रही।


