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हाथियों के जंगल पर कोल ब्लॉक का खतरा
26-Dec-2025 2:56 PM
हाथियों के जंगल पर कोल ब्लॉक का खतरा

 ग्रामीण एकजुट, आंदोलन की तैयारी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायगढ़, 26 दिसंबर।
धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में प्रस्तावित कोल ब्लॉकों को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध दर्ज कराया जा रहा है। पुरुंगा क्षेत्र से शुरू हुआ यह विरोध अब आसपास के अन्य गांवों तक पहुंच गया है। ग्राम पंचायत नवागांव में नवागांव सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने एकत्र होकर कोल ब्लॉकों के प्रस्ताव का विरोध किया।

ग्रामीणों ने कहा कि वे अपने जल, जंगल और जमीन को कोयला खनन के लिए देने के पक्ष में नहीं हैं। विरोध की शुरुआत ग्रामीणों द्वारा जंगल क्षेत्र में पेड़ों की पूजा के साथ की गई। ग्रामीणों का कहना है कि जिन जंगलों में खनन प्रस्तावित है, वे उनके जीवन और आजीविका से जुड़े हैं।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि धरमजयगढ़ वन मंडल क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही रहती है। छाल और धरमजयगढ़ रेंज के जंगलों में हाथियों के झुंड वर्षभर देखे जाते हैं। उनका कहना है कि इन क्षेत्रों में 18 कोल ब्लॉकों के चिन्हांकन से वन्यजीवों और स्थानीय समुदाय पर प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, चिन्हांकित 18 कोल ब्लॉकों में से अब तक 6 की नीलामी हो चुकी है। इनमें दुर्गापुर-2 तराईमार और दुर्गापुर-2 सरिया कोल ब्लॉक कर्नाटक पावर लिमिटेड को दिए गए हैं। इसके अलावा सेरबन, दुर्गापुर-देशाहपुर, इंद्रमणि और पुरुंगा कोल ब्लॉक भी सूची में शामिल हैं। शेष प्रस्तावित कोल ब्लॉकों में नवागांव ईस्ट, नवागांव वेस्ट, ओंगना-पोटिया, कोइलार, चैनपुर, रामनगर, तेंदुमुरी, बोजिया, फतेपुर, फतेपुर ईस्ट, वेस्ट ऑफ बायसी और छाल कोल ब्लॉक शामिल बताए गए हैं।
सोमवार को नवागांव में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉक की नीलामी रोकने की मांग की। आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और यहां पेसा कानून लागू है। उनके अनुसार, ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की नीलामी या खनन को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

29 को बड़ा आंदोलन
ग्रामीणों ने बताया कि कोल ब्लॉकों के विरोध में लगातार बैठकें की जा रही हैं। नवागांव में आयोजित बैठक में आसपास के कई गांवों के लोग शामिल हुए। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 29 दिसंबर को रैली और आमसभा आयोजित कर 18 कोल ब्लॉकों को निरस्त करने और नई नीलामी पर रोक की मांग की जाएगी।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।


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