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छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 26 दिसंबर। शीतकालीन अवकाश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नए रोस्टर के तहत मामलों की सुनवाई शुरू होगी। यह नया रोस्टर 2 जनवरी 2026 से प्रभावी रहेगा। इसके तहत चार डिवीजन बेंच, दो स्पेशल बेंच और कुल 14 सिंगल बेंचों में विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई की जाएगी।
पहली डिवीजन बेंच में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा शामिल रहेंगे। यह बेंच जनहित याचिका, रिट अपील और हैबियस कॉर्पस से जुड़े मामलों की सुनवाई करेगी।
दूसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह बेंच उन सभी आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी, जो किसी अन्य डिवीजन बेंच के दायरे में नहीं आते, साथ ही फैमिली मामलों की फर्स्ट अपील और रिट याचिकाएं भी यहीं सुनी जाएंगी।
तीसरी डिवीजन बेंच जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की होगी। इसमें अन्य बेंचों में शामिल न होने वाले सभी सिविल मामले, कंपनी अपील, टैक्स से जुड़े प्रकरण, इक्विटल अपील और डिवीजन बेंच के रिट मामलों की सुनवाई होगी।
चौथी डिवीजन बेंच में जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल शामिल रहेंगे। इस बेंच में कमर्शियल अपीलेट डिवीजन बेंच के मामले, वर्ष 2016 से लंबित एक्विटल अपील और रिट याचिकाओं की सुनवाई की जाएगी।
इसके अलावा, चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की अलग-अलग स्पेशल सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। वहीं, जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस दीपक तिवारी, जस्टिस राकेश मोहन पाण्डेय, जस्टिस बीडी गुरु, जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल सहित कुल 14 सिंगल बेंचों को विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है।


