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-सीटू तिवारी
बिहार में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों में ‘टूट की ख़बरों’ को पार्टी विधायक रामेश्वर कुमार महतो ने ख़ारिज़ किया है.
उन्होंने बीबीसी हिन्दी से बातचीत में कहा, “ये सब बेकार की बाते हैं. हम लोग पार्टी में थे और पार्टी में उपेंद्र कुशवाहा जी के साथ रहेंगे. नितिन नबीन से मेरा व्यक्तिगत संबंध है जिसके चलते उनसे मुलाक़ात हुई और उपेंद्र जी की लिट्टी पार्टी के वक़्त मैं पटना में नहीं था, क्योंकि बच्चों ने क्रिसमस की पार्टी रखी थी.”
दरअसल, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 विधायकों में से तीन विधायकों की बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ एक तस्वीर सार्वजनिक हुई.
कुशवाहा की पार्टी में विधायकों की नाराज़गी की ख़बर तब आनी शुरू हुई जब बाजपट्टी से विधायक रामेश्वर कुमार महतो, दिनारा विधायक आलोक सिंह और मधुबनी विधायक माधव आनंद बुधवार को उपेंद्र कुशवाहा की लिट्टी पार्टी में शामिल नहीं हुए.
रालोमो के इन्हीं तीन विधायकों की नितिन नबीन के साथ तस्वीर चर्चा में है.
इससे पहले रामेश्वर कुमार महतो सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट से उपेंद्र कुशवाहा के फ़ैसलों पर नाराज़गी जता चुके थे. ये नाराज़गी उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री और पत्नी स्नेहलता को मुख्य सचेतक बनाने को लेकर थी.
रामेश्वर कुमार महतो ने बीबीसी से कहा, “ ये सच है कि उपेंद्र कुशवाहा जी के इन फ़ैसलों से मैं नाराज़ हूं और इस नाराज़गी को मैं किसी न किसी तरह ज़ाहिर करूंगा. मेरा मानना है कि पार्टी और कार्यकर्ताओं के हित को देखकर ही फ़ैसले लिए जाने चाहिए लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम उपेंद्र कुशवाहा को छोड़कर चले जाएंगे.”
नई सरकार के गठन के बाद पार्टी के कई नेता परिवारवाद का आरोप लगाते हुए रालोमो छोड़कर जा चुके हैं.
इस मामले में बीबीसी ने उपेंद्र कुशवाहा से बात करने की कोशिश की लेकिन उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. (bbc.com/hindi)


