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नेहरू चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 22 दिसंबर। मनरेगा कानून में बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी ने 21 दिसंबर को नेहरू चौक में विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
प्रदर्शन से पहले कांग्रेसजन कांग्रेस भवन में एकत्रित हुए और नारे लगाते हुए नेहरू चौक पहुंचे। यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध दर्ज कराया गया।
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, पूर्व ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय आदि ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने कभी मनरेगा को ताबूत की आखिरी कील कहकर इसका मजाक उड़ाया था। अब योजना का नाम बदलकर वीबीजी रामजी कर दिया गया और इसमें ऐसे प्रावधान जोड़े जा रहे हैं, जिससे भविष्य में यह योजना स्वतः बंद हो जाए।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में केंद्र का अंश 90 प्रतिशत और राज्य का 10 प्रतिशत था, जिसे अब 60:40 कर दिया गया है। कर्ज में डूबी राज्य सरकारें 40 प्रतिशत हिस्सा कैसे देंगी, यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस सरकार ने गरीबों को 100 दिन रोजगार की गारंटी देने के लिए मनरेगा लागू की थी, जिससे ग्रामीण इलाकों में भुखमरी कम हुई। 125 दिन रोजगार की गारंटी की घोषणा केवल दिखावा है, क्योंकि केंद्र ने राशि की एक सीमा तय कर दी है। राशि खत्म होते ही भुगतान रुक जाएगा, जिससे रोजगार निरंतर नहीं चल सकेगा। कांग्रेसजनों ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ती, जबकि गरीब, किसान और मजदूरों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने जंगलों की कटाई, वन्यजीवों के विस्थापन और लोकतांत्रिक मूल्यों के कमजोर होने का भी मुद्दा उठाया।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, देवेंद्र सिंह, आशीष गोयल, जितेंद्र पांडेय, भुवनेश्वर यादव, राकेश शर्मा, समीर अहमद, ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन, विनोद साहू, गीतांजलि कौशिक, लक्ष्मीनाथ साहू, झगरराम सूर्यवंशी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


