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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 नवंबर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) ने बिलासपुर कांग्रेस संगठन में सालों बाद फेरबदल करते हुए दो नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में महेंद्र गंगोत्री को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव को कांग्रेस की युवा नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
मालूम हो कि कांग्रेस ने इस बार जिलाध्यक्षों के चयन के लिए पारंपरिक तरीके से हटकर ‘संगठन सृजन’ की नई प्रक्रिया अपनाई है। एआईसीसी के पर्यवेक्षकों ने, जिनमें मध्यप्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी शामिल थे, ने इच्छुक दावेदारों से आवेदन लिए थे।
इसके साथ ही कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से विस्तृत फीडबैक लिया गया। इसके बाद पांच नामों का पैनल तैयार किया गया, जिसे AICC को भेजा गया। इन्हीं अभिमतों के आधार पर दोनों जिलाध्यक्षों की घोषणा की गई।
महेंद्र गंगोत्री और सिद्धांशु मिश्रा दोनों छात्र राजनीति और एनएसयूआई से आगे बढ़े नेता हैं। महेंद्र गंगोत्री सीएमडी कॉलेज के अध्यक्ष रह चुके हैं, युवक कांग्रेस में कार्यकारी प्रभारी अध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में वे प्रदेश कांग्रेस में सचिव हैं। सिद्धांशु मिश्रा लंबे समय तक छात्र राजनीति में सक्रिय रहे। वे वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संयुक्त महामंत्री के रूप में कार्यरत थे।
ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी पिछले आठ सालों से इस पद पर बने हुए थे, जबकि शहर कांग्रेस की जिम्मेदारी चार सालों से विजय पांडेय के पास थी। विजय पांडेय ने इस बार जिलाध्यक्ष पद के लिए आवेदन भी नहीं दिया था, हालांकि विजय केशरवानी फिर से रेस में थे।
बिलासपुर के पड़ोसी जिले में घनश्याम वर्मा को फिर से मौका दिया गया है, जबकि गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में गजमति भानू को जिलाध्यक्ष बनाया गया है। वे पहले जीपीएम महिला विंग की अध्यक्ष थीं।


