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6.119 किलो गांजा, देशी कट्टा, तीन कारतूस, 24 सौ अल्प्राजोलम गोलियां मोबाइल फोन भी बरामद
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 26 फरवरी । पुलिस अधीक्षकों के कार्यकाल में वर्षों तक फरारी काटने वाला 31 प्रकरणों का हिस्ट्रीशीटर गांजा तस्कर मुकेश गुप्ता (बनिया) गिरफ्तार हो गया है। वह
म.प्र., राजस्थान, उत्तर-प्रदेश एवं उड़ीसा में ठिकाने बदल बदल कर फरारी काट रहा था।
मुकेश बनिया और उसके भाई संजू को गिरफ्तार कर 6.119 किलो ग्राम गांजा, एक देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 24 सौ अल्प्राजोलम नशीली गोलियां और मोबाइल फोन्स भी बरामद किए गए हैं। उसके भाई संजू पर 15 अपराध दर्ज हैं।
इसका प्लान रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी क्राइम एवं सायबर स्मृतिक राजनाला एवं डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता ने बनाई थी।।
नेटवर्क का सिरा 24 फरवरी की कार्यवाही से खुला। उक्त दिन थाना सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा नेहरू नगर नरैय्या तालाब क्षेत्र में दो व्यक्ति अब्दुल जाफर एवं सुनील जगत को गांजा की फुटकर बिक्री करते हुए पकड़ा गया था। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस टीम ने कालीबाड़ी क्षेत्र में नाले के पास बने एक हाइडआउट पर दबिश दी गई, जहां से लगभग 07 किलो 397 ग्राम गांजा, गांजा पैकिंग में प्रयुक्त भारी मात्रा में प्लास्टिक झिल्ली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, वाई-फाई उपकरण, सीसीटीवी कैमरे एवं मोशन सेंसर बरामद किए गए। यह हाइडआउट पुलिस कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस पाया गया। अब्दुल जाफर के विरुद्ध पूर्व में आर्म्स एक्ट एवं एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य संगीन धाराओं में 11 प्रकरण पंजीबद्ध हैं।
इसी क्रम में दिनांक 25/26 फरवरी की रात मुखबिर की सूचना पर एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट कोतवाली की संयुक्त टीम ने नरेश्वर मंदिर, नरैया तालाब क्षेत्र में सुनियोजित दबिश दी । इसमें मुकेश बनिया एवं उसका भाई संजू पकड़े गए। आपराधिक इतिहास की दृष्टि से भी दोनों अत्यंत संगीन प्रवृत्ति के हैं । मुकेश बनिया के विरुद्ध दर्ज 31 प्रकरणों में हत्या, आर्म्स एक्ट, गुंडागर्दी एवं बलवा, मारपीट, अवैध शराब बिक्री तथा एनडीपीएस एक्ट के गंभीर अपराध शामिल हैं। आरोपी लंबे समय से फरार रहकर स्वयं को माफिया बताते हुए कालीबाड़ी नेहरू नगर क्षेत्र में दहशत का माहौल बनाए हुए था।
दोनों को धारा 20(बी)(ii)(बी), 21(बी) एनडीपीएस एक्ट एवं धारा 25 आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ पर नेटवर्क से जुड़े गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पतासाजी की जा रही है ।


