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दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रदूषण विरोधी प्रदर्शन के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए पांच प्रदर्शनकारियों को दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. एक प्रदर्शनकारी ने नाबालिग होने का दावा किया था, जिसके बाद उसकी उम्र की पुष्टि होने तक उसे एक सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है. उसकी जमानत याचिका भी दाखिल की गई है.
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, रविवार को इंडिया गेट पर वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान, कथित तौर पर सड़क जाम करने, पुलिस के काम में बाधा पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर पेपर स्प्रे का इस्तेमाल करने के लिए 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. इस मामले में दो अलग-अलग पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज की गई है.
पुलिस ने कोर्ट में यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने माओवादी नेता माडवी हिडमा के समर्थन में नारे लगाए. हिडमा की हाल ही में आंध्र प्रदेश में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत हुई है. दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह प्रदर्शनकारियों से पूछताछ कर यह पता लगाना चाहती है कि कहीं उनका माओवादी संगठन से कोई संबंध तो नहीं है या इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं है.
वहीं, दो आरोपियों के वकील ने कोर्ट से कहा कि उनके मुवक्किलों को हिरासत के दौरान यातना दी गई, जिसके चलते उन्हें चोटें आयीं. वकील ने कहा कि वे शांतिपूर्वक ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे और किसी भी देश-विरोधी या नक्सली गतिविधि में शामिल नहीं थे. एक अन्य वकील ने कोर्ट से कहा कि उनका मुवक्किल खुद एक वकील है और उसकी भी पुलिस ने पिटाई की. (dw.com/hi)


