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कुलपति-कुलसचिव की गाडिय़ां लौटाने के आदेश भी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर/बिलासपुर, 12 मई। जमीन मुआवजा प्रकरण पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने विवि की संपत्ति की कुर्की के आदेश पर रोक लगा दी है, और गाडिय़ों को वापस करने के आदेश दिए हैं।
जस्टिस पीपी साहू की एकल पीठ ने प्रकरण की सुनवाई की। मुआवजा प्रकरण पर विश्वविद्यालय का तर्क था कि विवि ने सेंट्रल स्कूल के लिए सरकार को जमीन दी थी। इसके एवज में राज्य सरकार ने जमीन अधिग्रहित कर विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराई है। ऐसे में मुआवजा विवाद निपटाने की जिम्मेदारी राज्य शासन की है।
विवि प्रशासन का तर्क था कि पहले भी मुआवजा से जुड़े विवाद को लेकर विवि प्रशासन समय-समय पर अवगत कराते रहा है, लेकिन इस दिशा में समुचित कार्रवाई नहीं होने के कारण विवि की एक के बाद एक संपत्ति कुर्क होते जा रही है।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन, और अन्य संबंधित पक्षों की दलील सुनने के बाद संपत्ति कुर्की के सभी तरह के आदेश पर रोक लगा दी है। यही नहीं, अब तक कुर्क की गई कुलपति व कुलसचिव की सरकारी गाडिय़ों, और अन्य संपत्तियों को लौटाने के आदेश दिए हैं। विश्वविद्यालय की तरफ से अधिवक्ता नीरज चौबे ने पैरवी की।
उल्लेखनीय है कि रविवि और भू-स्वामियों के बीच करीब 5.16 एकड़ जमीन के मुआवजे को लेकर विवाद चल रहा है। रविवि के पास तकरीबन 3 सौ एकड़ जमीन है। वर्ष 2005-06 में शासन ने भू-स्वामियों से करीब 74 एकड़ जमीन अधिग्रहित कर रविवि को दी। इसके लिए भू-स्वामियों को मुआवजे की राशि दी गई। लेकिन अतिरिक्त मुआवजे को लेकर 31 किसान कोर्ट गए।
जिला न्यायालय ने 2017 में किसानों के पक्ष में निर्णय दिया। इसके तहत करीब 6.63 करोड़ रुपए 15 प्रतिशत ब्याज की दर से मुआवजा देने को कहा। अब यह राशि ज्यादा हो गई है। विवि ने इस राशि की मांग शासन से की। लेकिन शासन ने पैसे देने से मना कर दिया। मुआवजे की राशि नहीं मिलने पर कुर्की की कार्रवाई की जा रही है।


