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विशाखा कमेटी की जांच पर रोक, हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब
12-May-2022 10:30 AM
विशाखा कमेटी की जांच पर रोक, हाईकोर्ट ने शासन से मांगा जवाब

पाठ्य पुस्तक निगम के जीएम पर प्रताड़ना का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 मई।
पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला की याचिका पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जांच के लिए बनाई गई विशाखा कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।

पाठ्य पुस्तक निगम की एक महिला कर्मचारी ने महाप्रबंधक अरविंद कुमार पांडे पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना की शिकायत की थी। इस पर विभाग ने विशाखा कमेटी को जांच का जिम्मा दिया। पीड़ित महिला ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर कहा कि विशाखा कमेटी में जिन लोगों को सदस्य बनाया गया है वे महाप्रबंधक के नीचे ही काम करने वाले कर्मचारी और भृत्य हैं। उन पर स्वाभाविक रूप से महाप्रबंधक का दबाव है। यह कमेटी उसके साथ न्याय नहीं कर सकती। महाप्रबंधक पांडे निगम में प्रतिनियुक्ति पर है। उनकी नियुक्ति तत्काल समाप्त की जाए, ताकि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो सके। इस संबंध में याचिकाकर्ता ने शासन के समक्ष आवेदन भी दिया था पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक की ओर से प्रतिवादी ने कहा कि महिला ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। विशाखा कमेटी ने जब जांच शुरू की तब वह उसमें शामिल नहीं हुई। अब कोर्ट से अंतरिम राहत देने की मांग की गई है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जस्टिस पीपी साहू सिंगल बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य शासन और विशाखा कमेटी के अध्यक्ष को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, साथ ही कमेटी की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।


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