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रायपुर, 7 मई। नक्सलियों की सरकार से चर्चा के प्रस्ताव पर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का बयान सामने आया है। दिल्ली से लौटे साहू ने कहा कि उन्हें बात करनी है तो बिना शर्त के करें. भारतीय संविधान में विश्वास करो, बैठो और चर्चा करो, इसमें कोई शर्त नहीं होना चाहिए.
इससे पहले शुक्रवार को नक्सलियों ने एक बयान जारी कर


मुख्यमंत्री की वार्ता की पेशकश को सशर्त किया स्वीकार। उनकी शर्तों में पीएलजीए पर लगाये गए प्रतिबंध को हटाने, नक्सल को खुलेआम काम करने के अवसर दिए जाने के साथ हवाई हमले बंद करने और संघर्षरत इलाकों में सशस्त्र बलों के कैम्पों को हटाने, जेलों में कैद नक्सल नेताओं को वार्ता के लिए रिहा करने के शर्त पर वार्ता के लिए नक्सल संगठन हुआ राजी। 8 अप्रैल को रायपुर के हैलीपैड में मीडिया से मुखातिब होते हुए CM बघेल ने नक्सलियों से वार्ता के लिए रखी थी शर्त। वार्ताप्रेस नोट जारी कर नक्सल संगठन ने मुख्यमंत्री से अपनी राय स्पष्ट करने का किया है जिक्र। यह बयान दंडकारण्य जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प ने जारी किया है।



